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गरारी में बैठकर गोरीपार पहुंचे एसडीएम
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:36 PM IST
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गरारी में बैठकर गोरीपार पहुंचे एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सोमवार को जब खुद ही गरारी में बैठकर गोरीपार के गांवों का जायजा लेने पहुंचे तो उनको लोगों की मुसीबत का आभास हुआ।
2013 की आपदा के समय गोरीपार जाने के लिए बना झूलापुल बह गया था, तब से गोरी को पार करने के लिए लोग इसी गरारी का उपयोग कर रहे हैं। नीचे गोरी उफनती है और ऊपर गरारी में बैठकर इसकी डोर के सहारे नदी को पार किया जाता है। एसडीएम ने कहा कि जल्दी ही पक्के झूलापुल के निर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इतना ही नहीं गोरी को पार करने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए छह किलोमीटर का पैदल सफर भी करना पड़ता है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह कोरंगा ने एसडीएम को बताया कि पुल न होने से लोगों को हमेशा खतरे में रहकर गरारी आरपार करनी पड़ती है। 13 गांवों के लोग झूलापुल की मांग को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।
एसडीएम ने गोरीपार के लोगों की समस्या को जानने के लिए यह दौरा किया। गांव में पहुंचते ही सभी लोग एक स्वर से सिर्फ एक ही मांग उठाने लगे। वह मांग गोरी में झूलापुल की है। एसडीएम के साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी थे। गोरीपार के जीआईसी उछैती, गल्लागोदाम का निरीक्षण किया गया। विद्यालय के शिक्षक भी इसी गरारी के सहारे जाते हैं। राशन का ढुलान भी गरारी के माध्यम से ही किया जाता है। एसडीएम के साथ खंड शिक्षा अधिकारी भानुप्रताप सिंह, थाना प्रभारी हरेंद्र नेगी, पूर्ति निरीक्षक अमर सिंह बुदियाल आदि थे। गांव के लोगों को उम्मीद है कि एसडीएम के दौरे के बाद गोरी में झूलापुल के निर्माण की मंजूरी मिल सकती है।
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2013 की आपदा के समय गोरीपार जाने के लिए बना झूलापुल बह गया था, तब से गोरी को पार करने के लिए लोग इसी गरारी का उपयोग कर रहे हैं। नीचे गोरी उफनती है और ऊपर गरारी में बैठकर इसकी डोर के सहारे नदी को पार किया जाता है। एसडीएम ने कहा कि जल्दी ही पक्के झूलापुल के निर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इतना ही नहीं गोरी को पार करने के बाद गांव तक पहुंचने के लिए छह किलोमीटर का पैदल सफर भी करना पड़ता है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य दान सिंह कोरंगा ने एसडीएम को बताया कि पुल न होने से लोगों को हमेशा खतरे में रहकर गरारी आरपार करनी पड़ती है। 13 गांवों के लोग झूलापुल की मांग को लेकर कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।
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एसडीएम ने गोरीपार के लोगों की समस्या को जानने के लिए यह दौरा किया। गांव में पहुंचते ही सभी लोग एक स्वर से सिर्फ एक ही मांग उठाने लगे। वह मांग गोरी में झूलापुल की है। एसडीएम के साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी थे। गोरीपार के जीआईसी उछैती, गल्लागोदाम का निरीक्षण किया गया। विद्यालय के शिक्षक भी इसी गरारी के सहारे जाते हैं। राशन का ढुलान भी गरारी के माध्यम से ही किया जाता है। एसडीएम के साथ खंड शिक्षा अधिकारी भानुप्रताप सिंह, थाना प्रभारी हरेंद्र नेगी, पूर्ति निरीक्षक अमर सिंह बुदियाल आदि थे। गांव के लोगों को उम्मीद है कि एसडीएम के दौरे के बाद गोरी में झूलापुल के निर्माण की मंजूरी मिल सकती है।
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