{"_id":"5c9e5b6abdec2214074bffb5","slug":"sheep-spinach-returned-to-the-upper-himalayan-regions","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च हिमालयी क्षेत्रों को लौटने लगे भेड़ पालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च हिमालयी क्षेत्रों को लौटने लगे भेड़ पालक
Fri, 29 Mar 2019 11:22 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 29 Mar 2019 11:22 PM IST
विज्ञापन
माइग्रेशन पर हिमालयी क्षेत्र को जाने लगे भेड़पालक।
- फोटो : पिथौरागढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सर्दियों के सीजन में भाबर के प्रवास से भेड़ पालक उच्च हिमालयी क्षेत्रों को लौटने लगे हैं। भेड़ पालक अब अक्तूबर तक धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में प्रवास पर रहेंगे।
सर्दियों के सीजन में प्रतिवर्ष भेड़ पालक तराई, भाबर को निकल जाते हैं। मार्च में गर्मी शुरू होते ही वो धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों का रुख करते हैं। यहां स्थित बुग्यालों में नरम घास भेड़-बकरियों के लिए उपलब्ध होती है। भेड़ पालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि भाबर में इस बार कोहरा नहीं था। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी काफी हुई है।
अभी पखवाड़े भर तक वो भेड़-बकरियों को जंगलों में चराएंगे। 15 अप्रैल के बाद फिर बुग्यालों की ओर रवाना होंगे। बताया कि मौसम सही होने से वो करीब 15 दिन पहले ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर रवाना हो गए हैं। भेड़ पालकों ने अभी सीराकोट की पहाड़ियों में डेरा डाला है।
सर्दियों के सीजन में प्रतिवर्ष भेड़ पालक तराई, भाबर को निकल जाते हैं। मार्च में गर्मी शुरू होते ही वो धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों का रुख करते हैं। यहां स्थित बुग्यालों में नरम घास भेड़-बकरियों के लिए उपलब्ध होती है। भेड़ पालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि भाबर में इस बार कोहरा नहीं था। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी काफी हुई है।
विज्ञापन
अभी पखवाड़े भर तक वो भेड़-बकरियों को जंगलों में चराएंगे। 15 अप्रैल के बाद फिर बुग्यालों की ओर रवाना होंगे। बताया कि मौसम सही होने से वो करीब 15 दिन पहले ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर रवाना हो गए हैं। भेड़ पालकों ने अभी सीराकोट की पहाड़ियों में डेरा डाला है।
विज्ञापन