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सात दिनों से सीवरेज का पानी पी रही थी 55 फीसदी आबादी

Sat, 10 Feb 2018 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Sat, 10 Feb 2018 10:35 PM IST
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Seven days of drinking water was 55 percent of the population
ठुलीगाड़ पेयजल योजना में गंदगी - फोटो : अमर उजाला

पिथौरागढ़ की 55 फीसदी आबादी पिछले सात दिन से सीवरेज का गंदा पानी पी रही थी। सैनिक अस्पताल के सीवर से ठुलीगाड़ पेयजल योजना में गंदगी जा रही थी। पेयजल नमूनों की जांच और जल संस्थान की पड़ताल के बाद इसका खुलासा हुआ है। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का यह गंभीर मामला महज दुर्घटना नहीं थी, बल्कि जानबूझकर पेयजल को दूषित किया जा रहा था। इस खुलासे से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि लोगों में गुस्सा है।

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सप्ताह भर से पिथौरागढ़ के 55 फीसदी इलाकों में गंदा पानी आने की शिकायत मिल रही थी। जल संस्थान ने पानी के नमूनों की जांच कराई तो इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद पेयजल लाइन और पंपिंग योजना की पड़ताल का काम शुरू किया। शुक्रवार को जल संस्थान ने सैनिक अस्पताल के सीवरेज का निकास ठुलीगाड़ योजना में पकड़ा। अस्पताल के सीवरेज का निकास पेयजल योजना के 50 मीटर अपस्ट्रीम में किया जा रहा था। इसके चलते सीवरेज की गंदगी पंपिंग योजना से होते हुए घरों तक पहुंच रही थी। इससे बेखबर लोग यही दूषित पानी पी रहे थे।
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इस मामले का खुलासा होने के बाद जल संस्थान समेत पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जल संस्थान ने आनन-फानन में सैनिक अस्पताल के अधिकारियों को साथ लेकर मौका मुआयना किया। इसी बीच सीवरेज का निकास बंद कराया गया और जल संस्थान ने गधेरे के 300 मीटर दायरे में सफाई कराई। साथ ही पूरी पंपिंग योजना की सफाई हुई। दरअसल कुछ दिनों पहले अस्पताल का सीवर चोक हो गया था। इसके बाद सीवरेज चैंबर को खाली किया जा रहा था। ठेकेदार ने चैंबर की गंदगी पंपिंग योजना के अपस्ट्रीम में डाल दी।
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एमईएस ने ठेकेदार पर फोड़ा ठीकरा
इस मामले में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) ने ठेकेदार पर ठीकरा फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है। हालांकि अब तक ठेकेदार के खिलाफ कोई भी कार्रवाई सामने नहीं आई है। एमईएस ने इस गंभीर मामले पर कोई स्पष्टीकरण देने तक की जहमत नहीं उठाई है।

एमईएस को जारी किया चेतावनी पत्र
सीवरेज की पंपिंग योजना में निकासी का मामला सामने आने के बाद जल संस्थान ने एमईएस प्रबंधन को चेतावनी पत्र जारी किया है। इसमें ठेकेदार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया गया है। साथ की दोबारा चूक मिलने पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी भी दी है।

55 फीसदी आबादी को होती है आपूर्ति
ठुलीगाड़ पंपिंग योजना से पिथौरागढ़ की 55 फीसदी आबादी को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इस योजना के जरिये मिशन इंटर कॉलेज क्षेत्र, भाटकोट, ऐंचोली, तिलढुकरी के साथ ही नगरपालिका क्षेत्र तक आपूर्ति की जाती है।


सैनिक अस्पताल के सीवरेज की पेयजल योजना में निकासी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे जनस्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। एमईएस प्रबंधन को इस संबंध में चेताया गया है। दोबारा चूक होने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। -सी रविशंकर, डीएम, पिथौरागढ़।

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