कलश यात्रा के साथ भगवती की मूर्ति स्थापित
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जिला मुख्यालय से सटे लुंठ्यूड़ा गांव के लोगों ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन भव्य कलश यात्रा के साथ गांव के मंदिर में मां भगवती की मूर्ति स्थापित कर दी है। यह मूर्ति राजस्थान से बनाकर लाई गई। अब तक गांव के भगवती मंदिर में छोटी मूर्ति थी, अब इसे भव्य रूप दे दिया गया है। भगवती की मूर्ति को चैतोल के समय उपयोग में लाए जाने वाले डोले पर रखकर घंटाकरण के शिव मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर तक ले जाया गया। बाद में इस मूर्ति को विशेष पूजा, प्रतिष्ठा के साथ मंदिर में स्थापित कर दिया गया। बृहस्पतिवार से मंदिर में विशेष पूजा भी शुरू हो गई है।
ढोल नगाड़ों और भव्य कलश यात्रा के साथ मां भगवती की मूर्ति को मंदिर तक ले जाया गया। कलश यात्रा में विण की ब्लॉक प्रमुख अंजू लुंठी भी शामिल हुईं। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक लुंठी ने बताया कि मां भगवती की भव्य मूर्ति स्थापित करने के लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी। नवरात्र के पहले दिन इसे स्थापित करने का फैसला लिया गया। इस मौके पर पालिका सभासद केदार सिंह लुंठी, इंदर लुंठी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
नवरात्र पर विशेष पूजन शुरू
नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार से घरों और मंदिरों में विशेष पूजा शुरू हो गई है। जिला मुख्यालय में उल्का देवी मंदिर, कुसौली के कामाक्षा मंदिर में बृहस्पतिवार से देवी पूजन शुरू हो गया है। पालंखू के कोटगाड़ी मंदिर, गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर में सैकड़ों लोगों ने पूजा-अर्चना की। अन्य देवी मंदिरों में भी पूजा शुरू हो गई है। कुछ लोग घरों में देवी की मूर्ति की स्थापना कर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं।