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बीज गोदाम का भवन जर्जर हालत में पहुंचा
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
Updated Sat, 04 Mar 2017 10:36 PM IST
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बलतिर गांव में लावारिस पड़ा बीज गोदाम भवन
- फोटो : अमर उजाला
बलतिर गांव में 1995 में छह लाख रुपए की लागत के बीज गोदाम का निर्माण तो किया गया, लेकिन उसका बाद में कोई उपयोग नहीं हुआ। अब यह बीज गोदाम भवन जर्जर हालत में पहुंच चुका है। उसकी दीवारों पर लगा सीमेंट उखड़ गया है। दरवाजों की लकड़ियां सड़ गई हैं। भवन बिना किसी उपयोग के ध्वस्त होने की स्थिति में पहुंच गया है।
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गांव के लोगों ने बताया कि भवन को बनाते समय कहा गया कि यहां पर बीज गोदाम बनाया जाएगा। किसानों को उन्नत किस्म के बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे। भवन बनाते समय कहा गया कि इसे कृषि विभाग को सौंपा जाएगा। भवन बनाने के बाद न तो इसे कृषि विभाग के हैंडओवर किया गया और न किसी संस्था को दिया गया। बताया गया कि उस समय बलतिर गांव की खाली जमीन पर ऐसे ही कई अन्य भवन बना दिए गए। उनमें से किसी भी भवन का उपयोग नहीं हुआ। मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना ने कहा कि उनकी जानकारी में यह विषय नहीं है। अब पता लगाएंगे और भवन को उपयोग में लाने की कोशिश करेंगे।
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भवन का तत्काल उपयोग किया जाए
बलतिर निवासी पान सिंह का कहना है कि सरकार जिस उद्देश्य के लिए भवनों का निर्माण करती है, उसका उपयोग भी होना चाहिए। किसान हमेशा बीज के लिए परेशान रहते हैं, लेकिन बीज भंडार के नाम पर खोले गए भवन में अब तक एक दाना बीज का नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि भवन का तत्काल उपयोग किया जाए।
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यह सरासर सरकारी धन का दुरुपयोग
बलतिर निवासी गोपाल सिंह का कहना है कि यह सरकारी धन का सरासर दुरुपयोग है। जिस भवन का इतने वर्षों में उपयोग नहीं हुआ है उसे बनाने की जरूरत क्या थी। अब भी भवन की मरम्मत करने के बाद इसका उपयोग किया जा सकता है। यह कदम जल्दी उठाया जाना चाहिए। लोगों को भवन बनाने का औचित्य भी बताया जाए।