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मांगें पूरी नहीं होने पर माध्यमिक अतिथि शिक्षक करेंगे आंदोलन
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पिथौरागढ़। मांगें पूरी न होने से माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के सदस्यों में गुस्सा है। उनका कहना है सरकार अतिथि शिक्षकों के भविष्य के लिए गंभीर नहीं है। ऐसे में उनके पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय के नेतृत्व में रविवार को गूगल मीट एप से ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें सभी अतिथि शिक्षकों ने सरकार से उनका भविष्य सुरक्षित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक शिष्टमंडल देहरादून जाकर मुख्यमंत्री से वार्ता करेगा। जिलाध्यक्ष मनोज ने कहा कि पड़ोसी राज्य हिमाचल, पंजाब, हरियाणा आदि में अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण हुआ है लेकिन उत्तराखंड में वर्ष 2015 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हाल में विभिन्न विभागों में कार्यरत 57,000 संविदा कर्मियों को पक्का किया है। अब उत्तराखंड सरकार को भी ऐसा निर्णय लेकर इतिहास रचना चाहिए। इस बैठक में किरन पंत, ललित मोहन, सविता तिवारी, सीएम जोशी, गोविंद कोहली, चंद्रकांता, संजय कुमार, रमन टम्टा, ज्योति ज्याला, भावना भट्ट आदि शामिल रहे। संवाद
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माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय के नेतृत्व में रविवार को गूगल मीट एप से ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें सभी अतिथि शिक्षकों ने सरकार से उनका भविष्य सुरक्षित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक शिष्टमंडल देहरादून जाकर मुख्यमंत्री से वार्ता करेगा। जिलाध्यक्ष मनोज ने कहा कि पड़ोसी राज्य हिमाचल, पंजाब, हरियाणा आदि में अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण हुआ है लेकिन उत्तराखंड में वर्ष 2015 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों की अनदेखी की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हाल में विभिन्न विभागों में कार्यरत 57,000 संविदा कर्मियों को पक्का किया है। अब उत्तराखंड सरकार को भी ऐसा निर्णय लेकर इतिहास रचना चाहिए। इस बैठक में किरन पंत, ललित मोहन, सविता तिवारी, सीएम जोशी, गोविंद कोहली, चंद्रकांता, संजय कुमार, रमन टम्टा, ज्योति ज्याला, भावना भट्ट आदि शामिल रहे। संवाद
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