{"_id":"5cc33df7bdec22143356f284","slug":"sdm-reviewed-the-losses-suffered-in-tangul","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम ने लिया तांकुल में हुए नुकसान का जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम ने लिया तांकुल में हुए नुकसान का जायजा
Fri, 26 Apr 2019 10:53 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 26 Apr 2019 10:53 PM IST
विज्ञापन
धारचूला के तांकुल में नुकसान का जायजा लेते मुनस्यारी के एसडीएम और राजस्व अधिकारी।
- फोटो : पिथौरागढ़
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के निर्देश पर मुनस्यारी के उपजिलाधिकारी आरसी गौतम ने शुक्रवार को राजस्व अधिकारियों के साथ बुधवार की रात तांकुल, मांगती और घटियाबगड़ में अतिवृष्टि से मची तबाही का जायजा लिया। एसडीएम नुकसान की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगे।
देर शाम एसडीएम के नेतृत्व में गई टीम धारचूला पहुंची। एसडीएम गौतम ने बताया कि नुकसान का आकलन कर लिया गया है। दो पैदल पुल बहे हैं। खेतों को नुकसान हुआ है। नाले से गांव की सुरक्षा के प्रबंध किए जाने हैं। बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी के सामने रखी जाएगी। जिलाधिकारी रिपोर्ट पर आवश्यक कदम उठाएंगे।
बुधवार की रात्रि तेज बारिश से तांकुल का नाला उफान पर आ गया था। इससे तांकुल, मांगती, घटियाबगड़ में मलबा घुस गया था। दो पुलिया, एक सार्वजनिक शौचालय बहने के साथ ही खेत मलबे से पट गए थे। नाला बढ़ने से तांकुल में 20 परिवार, मांगती में 6 परिवार और मल्ला घटियाबगड़ में 2 परिवार खतरे की जद में आ गए थे। बुधवार को तांकुल क्षेत्र में एक घंटे में 30 एमएम बारिश हुई थी।
विज्ञापन
बता दें कि तांकुल धारचूला से 37 किमी की दूरी पर है। घटियाबगड़ तक वाहन जाते हैं। वहां से तांकुल के लिए एक किमी पैदल चलना पड़ता है। उधर, जिला खनन अधिकारी भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने बताया कि मांगती गांव के 16 परिवार पहले से ही विस्थापन की सूची में हैं।
40 साल पहले भी तांकुल में मची थी तबाही
धारचूला। तांकुल निवासी अनवाल समुदाय के अध्यक्ष गुमान सिंह बिष्ट ने बताया कि 40 साल पहले वर्ष 1979 में भी तांकुल नाले में पानी बढ़ने से गांव में मलबा घुस गया था। खेती को काफी नुकसान हुआ था। गुमान सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह नेगी, जीवन बिष्ट ने सरकार से तांकुल की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
सार्वजनिक संपत्ति का 11 लाख का नुकसान
धारचूला। तांकुल के सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह नेगी ने अतिवृष्टि से मांगती में वर्ष 2013 में बीएडीपी से पांच लाख रुपये की लागत से बनी पुलिया, मल्ला घटियाबगड़ में 2017 में मनरेगा से 4 लाख की लागत से बनी पुलिया ध्वस्त हो गई। तांकुल में विधायक निधि से 2 लाख रुपये की लागत से 6 महीने पूर्व ही बना सार्वजनिक शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया।
विज्ञापन
देर शाम एसडीएम के नेतृत्व में गई टीम धारचूला पहुंची। एसडीएम गौतम ने बताया कि नुकसान का आकलन कर लिया गया है। दो पैदल पुल बहे हैं। खेतों को नुकसान हुआ है। नाले से गांव की सुरक्षा के प्रबंध किए जाने हैं। बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी के सामने रखी जाएगी। जिलाधिकारी रिपोर्ट पर आवश्यक कदम उठाएंगे।
विज्ञापन
बुधवार की रात्रि तेज बारिश से तांकुल का नाला उफान पर आ गया था। इससे तांकुल, मांगती, घटियाबगड़ में मलबा घुस गया था। दो पुलिया, एक सार्वजनिक शौचालय बहने के साथ ही खेत मलबे से पट गए थे। नाला बढ़ने से तांकुल में 20 परिवार, मांगती में 6 परिवार और मल्ला घटियाबगड़ में 2 परिवार खतरे की जद में आ गए थे। बुधवार को तांकुल क्षेत्र में एक घंटे में 30 एमएम बारिश हुई थी।
विज्ञापन
बता दें कि तांकुल धारचूला से 37 किमी की दूरी पर है। घटियाबगड़ तक वाहन जाते हैं। वहां से तांकुल के लिए एक किमी पैदल चलना पड़ता है। उधर, जिला खनन अधिकारी भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने बताया कि मांगती गांव के 16 परिवार पहले से ही विस्थापन की सूची में हैं।
40 साल पहले भी तांकुल में मची थी तबाही
धारचूला। तांकुल निवासी अनवाल समुदाय के अध्यक्ष गुमान सिंह बिष्ट ने बताया कि 40 साल पहले वर्ष 1979 में भी तांकुल नाले में पानी बढ़ने से गांव में मलबा घुस गया था। खेती को काफी नुकसान हुआ था। गुमान सिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह नेगी, जीवन बिष्ट ने सरकार से तांकुल की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
सार्वजनिक संपत्ति का 11 लाख का नुकसान
धारचूला। तांकुल के सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह नेगी ने अतिवृष्टि से मांगती में वर्ष 2013 में बीएडीपी से पांच लाख रुपये की लागत से बनी पुलिया, मल्ला घटियाबगड़ में 2017 में मनरेगा से 4 लाख की लागत से बनी पुलिया ध्वस्त हो गई। तांकुल में विधायक निधि से 2 लाख रुपये की लागत से 6 महीने पूर्व ही बना सार्वजनिक शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया।