फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Schools Closed

पिथौरागढ़ में पलायन के कारण पिछले पांच सालों में 141 प्राथमिक विद्यालय बंद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Mar 2020 10:21 PM IST
विज्ञापन
Schools Closed
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लोगों के पलायन के चलते पिछले पांच साल में 141 से अधिक प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। इसकी पुष्टि करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी पुष्पराज भट्ट ने कहा कि कम छात्र संख्या के चलते ये स्कूल बंद किए गए हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक भी पूरी मेहनत से पढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन

लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्रों में स्कूल बंद होने से बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल नहीं बचे हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे करने वाली सरकार पलायन रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है।
विज्ञापन

किराए पर कमरा लेकर पढ़ा रहे हैं बच्चों को
पिथौरागढ़। शिक्षा की गुणवत्ता में कमी के कारण पांच से 6 किमी पैदल चलकर बच्चों को दूसरे प्राथमिक स्कूलों में पहुंचाने को मजबूर हैं। कई लोग शहर में रहकर प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। गरीब परिवार भी मेहनत मजदूरी कर शहरों में किराए के मकान में रह रहे हैं। लोगों ने सरकार से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और लगातार हो रहे पलायन को रोकने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई गांव हो चुके हैं वीरान
पिथौरागढ़। जिले में बेहतर सुविधाओं को लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग मैदानी क्षेत्रों का रुख कर चुके हैं। स्थिति यह है कि कई गांव पूरी तरह वीरान तो कई गांवों में 2 से 4 परिवार ही रह गए हैं।
किस ब्लॉक में कितने स्कूल हुए बंद
ब्लॉक बंद हुए स्कूल
कनालीछीना - 12
गंगोलीहाट - 16
बेड़ीनाग- 17
डीडीहाट- 13
धारचूला - 58
विण - 08
मूनाकोट- 17
मुनस्यारी - 36
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed