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चीन सीमा तक सड़क कब पहुंचेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:36 PM IST
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चीन सीमा पर रोड नहीं बनी
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। मुनस्यारी से मिलम तक 65 किमी लंबी सड़क के निर्माण का काम बहुत धीमा है। इसलिए सड़क का निर्माण जल्द पूरा होना मुश्किल है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सड़क निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। बीआरओ ने सड़क निर्माण का टेंडर एबीसीएल कंपनी को सौंपा है। 2007 से बन रही इस सड़क का अभी 30 किमी हिस्सा बनना शेष है। दस वर्षों में मात्र 35 किमी सड़क ही बन पाई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाकी सड़क बनने में अभी कम से कम आठ साल का समय और लगेगा।
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बताया गया है कि 2007 में जब बीआरओ को पांच वर्ष में मिलम तक सड़क बनाने का काम सौंपा गया था। इस आधार पर सड़क 2012 में बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी। मिलम चीन सीमा के पास जिले का अंतिम गांव है। पर्यटन और ट्रैकिंग की दृष्टि से बेहद अहम इस गांव तक सड़क बनाने की कवायद कई वर्षों से चल रही थी। आखिरकार रक्षा मंत्रालय ने 2007 में सड़क निर्माण की मंजूरी दे दी।
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मुनस्यारी के पास चिलमधार से मुनस्यारी तक इस समय 14.25 किमी लंबी सड़क बन चुकी है। इसके आठ किमी हिस्से में वाहनों का संचालन हो रहा है जबकि मिलम से रिलकोट तक 20 किमी से थोड़ा ज्यादा सड़क बन चुकी है। मिलम की तरफ से वाहन चल पाना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि वहां कोई वाहन नहीं है। बीआरओ के स्थानीय अधिकारी सड़क निर्माण पूरा होने के बारे में कोई वक्तव्य नहीं देना चाहते क्योंकि सारा मामला बीआरओ के महानिदेशालय स्तर से ही नियंत्रित किया जाता है। इधर, बीआरओ के सूत्रों का कहना है कि 2020 में मिलम तक सड़क बन जाएगी।
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विधायक ने कहा जल्दी हो सड़क का निर्माण
पिथौरागढ़। क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी का कहना है कि प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार को चाहिए कि वह चीन सीमा तक सड़कों के निर्माण में तेजी लाए। चीन के साथ पिछले कुछ समय से विवाद की स्थिति बढ़ी है। ऐसे में सीमाओं तक सड़क और संचार सुविधा बढ़ाया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में रक्षा मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को कई पत्र लिख चुके हैं।