फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Road not built in didihat Chitgal village even after 18 years

Didihat News: 18 साल बाद भी आगे नहीं सरकी सड़क की फायल, चार किमी लंबी रोड 2006 में हो गई थी स्वीकृत

Wed, 28 Aug 2024 11:26 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 28 Aug 2024 11:26 AM IST
सार

डीडीहाट में प्रथम गांव तक विकास को पहुंचाने का दावा करने वाली सरकार चिटगाल गांव के लिए वर्ष 2006 में स्वीकृत चार किमी सड़क तक को 18 साल बाद भी नहीं बना पाई। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन
Road not built in didihat Chitgal village even after 18 years
18 साल बाद भी आगे नहीं सरकी सड़क की फायल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट में प्रथम गांव तक विकास को पहुंचाने का दावा करने वाली सरकार चिटगाल गांव के लिए वर्ष 2006 में स्वीकृत चार किमी सड़क तक को 18 साल बाद भी नहीं बना पाई। इस कारण ग्रामीणों को घर तक सिलिंडर पहुंचाने के लिए 1600 से 1800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

विज्ञापन

डीडीहाट विकासखंड के चिटगाल गांव को सड़क से जोड़ने के लिए मार्च 2006 में एससीपी (स्पेशल कंपोनेंट प्लान) के तहत चार किमी सड़क की स्वीकृति मिली थी। गोबराड़ी से चिटगाल तक की इस सड़क के लिए बाकायदा 93 लाख से अधिक की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल गई थी।

विज्ञापन

चिटगाल गांव के सामाजिक कार्यकर्ता कुंदन सिंह ने बताया कि गांव के लोगों को सड़क न बनने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा हैं। गाड़ी मुवानी और गोबराड़ी तक सिलिंडर लाती है। उसके बाद चार किमी पैदल सिलिंडर लाने और ले जाने की मजदूरी 600 से 800 रुपये देनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में जो आपत्तियां आ रहीं थीं उन्हें दूर करके लोनिवि को अनापत्ति प्रमाण पत्र भी दे दिया गया है। बावजूद इसके अब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया जा सका है।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये पढ़ें- Rudrapur News: घर से जेवर और दस हजार रुपये लेकर किशोरी लापता, पिता ने बेटी के साथ अनहोनी की आशंका जताई

लोनिवि के ईई अमनदीप राणा ने बताया कि 2006 में स्वीकृत इस सड़क में कई आपत्तियां लग रही थीं। इस कारण सड़क का निर्माण नहीं किया जा सका। मई 2024 में ग्रामीणों ने इस सड़क के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया है। शीघ्र ही लोनिवि की तकनीकी टीम को इस सड़क के निर्माण के लिए गांव भेजा जाएगा।

बीमार को अस्पताल पहुंचाना चुनौती से कम नहीं
चिटगाल गांव के कुंदन सिंह बताते हैं कि अगर गांव में रात के समय कोई बीमार हो जाए तो उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती साबित हो जाता है। पहले उसे डोली से चार किमी पैदल गोबराड़ी तक पहुंचाया जाता है। उसके बाद निजी वाहन बुक कर पिथौरागढ़ जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। रात में वाहन स्वामी चार से पांच हजार रुपये किराया मांगते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed