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पिथौरागढ़ से धारचूला तक सड़क होगी चकाचक
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पिथौरागढ़ में सड़क खोलती जेसीबी। संवाद
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-धारचूला 90 किमी सड़क अगले साल तक पूरी तरह टू-लेन बन जाएगी। जिन स्थानों पर सड़क कटिंग किसी कारण छूटी थी उन स्थानों पर बीआरओ ने कटिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा कई स्थानों पर हॉटमिक्स की तैयारी भी चल रही है। सड़क के हॉटमिक्स और टू-लेन बनने के बाद सीमांत धारचूला के लिए यातायात पहले की तुलना में और अधिक सुगम हो जाएगा।
बीआरओ ने जाजरदेवल से धारचूला तक टू-लेन सड़क का कार्य पूरा कर लिया है। पनखोली धूशाखान शिव मंदिर के पास पहाड़ी के खतरनाक होने, कनालीछीना बाजार, गुड़ौली के पास आधा किमी और छारछुम में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सड़क को टू-लेन नहीं बनाया गया है। धारचूला से बलुवाकोट तक बचे हुए हिस्से में पहले ही काम शुरू हो गया था।
बीआरओ ने अब गुड़ौली के पास कटिंग शुरू कर दी है। इसके लिए कनालीछीना और अन्य स्थानीय क्षेत्रों से मजदूरों की नियुक्ति की जा रही है। बचे हुए स्थानों पर टू-लेन सड़क बनाने का कार्य पूरा होने के बाद पिथौरागढ़ से धारचूला तक यातायात पहले की तुलना में काफी सुगम हो जाएगा। चीन से तनाव के बीच भारत सरकार पिथौरागढ़ से लिपुलेख सड़क पर विशेष ध्यान दे रही है। तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क को और बेहतर बनाया जा रहा है। वहां सुरक्षा दीवार, नाली और कॉजवे निर्माण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
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बीआरओ ने जाजरदेवल से धारचूला तक टू-लेन सड़क का कार्य पूरा कर लिया है। पनखोली धूशाखान शिव मंदिर के पास पहाड़ी के खतरनाक होने, कनालीछीना बाजार, गुड़ौली के पास आधा किमी और छारछुम में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सड़क को टू-लेन नहीं बनाया गया है। धारचूला से बलुवाकोट तक बचे हुए हिस्से में पहले ही काम शुरू हो गया था।
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बीआरओ ने अब गुड़ौली के पास कटिंग शुरू कर दी है। इसके लिए कनालीछीना और अन्य स्थानीय क्षेत्रों से मजदूरों की नियुक्ति की जा रही है। बचे हुए स्थानों पर टू-लेन सड़क बनाने का कार्य पूरा होने के बाद पिथौरागढ़ से धारचूला तक यातायात पहले की तुलना में काफी सुगम हो जाएगा। चीन से तनाव के बीच भारत सरकार पिथौरागढ़ से लिपुलेख सड़क पर विशेष ध्यान दे रही है। तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क को और बेहतर बनाया जा रहा है। वहां सुरक्षा दीवार, नाली और कॉजवे निर्माण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
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