{"_id":"64ea3491c0fea7c77501a7c6","slug":"road-connecting-china-border-closed-for-the-third-day-pithoragarh-news-c-230-1-pth1001-3727-2023-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क तीसरे दिन भी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क तीसरे दिन भी बंद
Sat, 26 Aug 2023 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 26 Aug 2023 10:51 PM IST
विज्ञापन
धारचूला के घटखोला में सड़क खोलती जेसीबी। स्रोत: जागरूक पाठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट, तवाघाट-सोबला और तवाघाट-लिपुलेख सड़कें कई जगहों पर बोल्डर, मलबा आने से तीन दिन से बंद हैं। इसके चलते कई वाहन फंसे हैं। सड़क बंद होने से सुरक्षा कर्मियों के साथ ग्रामीणों को तीन किमी तक का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है।
सीमा के गांवों की सड़क बंद होने से दारमा, व्यास और चौदास घाटी के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिलवेज कंपनी के पीआरओ त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि दो दिन पूर्व रात में हुई भारी बारिश से कुलागाड़ में जुम्मा गांव से आने वाले बरसाती झरने के कारण 20 मीटर से अधिक सड़क ध्वस्त हो गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से पैदल आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है। ग्रामीण सड़क के ऊपर पहाड़ी से दो से तीन किमी पैदल चलकर अपने-अपने घर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुलागाड़ में झरने का पानी कम होने के बाद नई सड़क काटकर बनानी है। इसमें तीन-चार दिन का समय लग सकता है।
बाक्स
बुदि से तवाधाट तक कई जगह पर बंद है सड़क
धारचूला। गुंजी से धारचूला पहुंचे पीयूष गुंज्याल ने बताया कि बुदि से तवाघाट तक चार से पांच जगह और तवाघाट से धारचूला के बीच जीरो प्वाइंट, कुलागाड़, चेतलधार में सड़क बंद होने से लोगों को चार-पांच किमी पैदल चलना पड़ रहा है। कई जगहों पर वाहन बदलने पड़ रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
बाक्स
धारचूला। दारमा घाटी को जोड़ने वाली सीपीडब्ल्यूडी की सोबला- ढाकर सड़क ग्राम दर के घटखोला में बंद हो गई है। एई अनिल बंग्याल ने बताया कि जेसीबी मशीन सड़क खोलने में लगी है। मौसम ठीक होने पर रविवार तक सड़क खुल जायेगी। वाहन स्वामी कलम सिंह ने बताया कि ग्राम दर के घटखोला से ऊपर की ओर दुग्तू तक सड़क खुली है। संवाद
बाक्स
बनिक में खुली सड़क खुलने से राहत
मुनस्यारी। बनिक में भारी मलबा और बोल्डर आने से बंद थल-मुनस्यारी सड़क 12 दिन बाद यातायात के लिए खुल गई है। सड़क बंद होने से मुनस्यारी में खाद्यान्न, सब्जी और पेट्रोल, डीजल की किल्लत बनी हुई है। यदि सड़क यातायात के लिए खुली रही तो क्षेत्र के लोगों को रविवार तक समस्याओं का समाधान मिल जाएगा।
बाक्स
सीमांत में मलबा, बोल्डर गिरने से 18 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में हो रही भारी बारिश से 22 सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और श्रमिक लगाए गए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार मदकोट-दारमा, मदकोट-चौना-मटेना, मसूरीकांठा-होकरा, एलागाड़- जुम्मा, आदिचौरा-सिणी, डोर-सैंणरांथी, कालिका-खुमति, छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, नाचनी-भैंसकोट, मुनस्यारी-हरकोट सड़कें बंद हैं। इनके अलावा मालकोट-लोध, बलुवाकोट-पय्यापौड़ी, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-घट्टाबगड़, तवाघाट-सोबला, घट्टाबगड़-जिप्ती, रामगंगापुल-मुनस्यारी सड़कें आवागमन के लिए बंद हैं। सुबह के समय जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क भी मलबा गिरने से बंद रही। बाद में मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया। संवाद
-- -- -- -
मुनस्यारी के बौन गांव में अतिवृष्टि से राजमा और आलू की फसल बर्बाद
- भारी बारिश से आंतरिक रास्तों के ध्वस्त होने से बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं उत्पाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। राजमा और आलू उत्पादन में विशेष पहचान रखने वाले बौन गांव के किसान परेशान हैं। अतिवृष्टि से राजमा और आलू की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बारिश से बचाकर जिस आलू और राजमा को रखा था उसे भी वह रास्ते ध्वस्त होने के कारण बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
बौन गांव में अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण आलू, राजमा की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन से पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। गांव के पिलनुटी और खोली तोक में दरारें भी आ गई हैं। ग्रामीण रमेश सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की आलू और राजमा की फसल बर्बाद हो गई है। पैदल रास्ते ध्वस्त होने से लोग बाजार और अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई बार इसकी सूचना प्रशासन को दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने एसडीएम कार्यालय में पत्र देकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
-- -- --
विज्ञापन
सीमा के गांवों की सड़क बंद होने से दारमा, व्यास और चौदास घाटी के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिलवेज कंपनी के पीआरओ त्रिलोक सिंह दानू ने बताया कि दो दिन पूर्व रात में हुई भारी बारिश से कुलागाड़ में जुम्मा गांव से आने वाले बरसाती झरने के कारण 20 मीटर से अधिक सड़क ध्वस्त हो गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से पैदल आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है। ग्रामीण सड़क के ऊपर पहाड़ी से दो से तीन किमी पैदल चलकर अपने-अपने घर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुलागाड़ में झरने का पानी कम होने के बाद नई सड़क काटकर बनानी है। इसमें तीन-चार दिन का समय लग सकता है।
विज्ञापन
बाक्स
बुदि से तवाधाट तक कई जगह पर बंद है सड़क
धारचूला। गुंजी से धारचूला पहुंचे पीयूष गुंज्याल ने बताया कि बुदि से तवाघाट तक चार से पांच जगह और तवाघाट से धारचूला के बीच जीरो प्वाइंट, कुलागाड़, चेतलधार में सड़क बंद होने से लोगों को चार-पांच किमी पैदल चलना पड़ रहा है। कई जगहों पर वाहन बदलने पड़ रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
बाक्स
धारचूला। दारमा घाटी को जोड़ने वाली सीपीडब्ल्यूडी की सोबला- ढाकर सड़क ग्राम दर के घटखोला में बंद हो गई है। एई अनिल बंग्याल ने बताया कि जेसीबी मशीन सड़क खोलने में लगी है। मौसम ठीक होने पर रविवार तक सड़क खुल जायेगी। वाहन स्वामी कलम सिंह ने बताया कि ग्राम दर के घटखोला से ऊपर की ओर दुग्तू तक सड़क खुली है। संवाद
बाक्स
बनिक में खुली सड़क खुलने से राहत
मुनस्यारी। बनिक में भारी मलबा और बोल्डर आने से बंद थल-मुनस्यारी सड़क 12 दिन बाद यातायात के लिए खुल गई है। सड़क बंद होने से मुनस्यारी में खाद्यान्न, सब्जी और पेट्रोल, डीजल की किल्लत बनी हुई है। यदि सड़क यातायात के लिए खुली रही तो क्षेत्र के लोगों को रविवार तक समस्याओं का समाधान मिल जाएगा।
बाक्स
सीमांत में मलबा, बोल्डर गिरने से 18 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में हो रही भारी बारिश से 22 सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और श्रमिक लगाए गए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार मदकोट-दारमा, मदकोट-चौना-मटेना, मसूरीकांठा-होकरा, एलागाड़- जुम्मा, आदिचौरा-सिणी, डोर-सैंणरांथी, कालिका-खुमति, छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, नाचनी-भैंसकोट, मुनस्यारी-हरकोट सड़कें बंद हैं। इनके अलावा मालकोट-लोध, बलुवाकोट-पय्यापौड़ी, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-घट्टाबगड़, तवाघाट-सोबला, घट्टाबगड़-जिप्ती, रामगंगापुल-मुनस्यारी सड़कें आवागमन के लिए बंद हैं। सुबह के समय जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क भी मलबा गिरने से बंद रही। बाद में मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया। संवाद
मुनस्यारी के बौन गांव में अतिवृष्टि से राजमा और आलू की फसल बर्बाद
- भारी बारिश से आंतरिक रास्तों के ध्वस्त होने से बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं उत्पाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। राजमा और आलू उत्पादन में विशेष पहचान रखने वाले बौन गांव के किसान परेशान हैं। अतिवृष्टि से राजमा और आलू की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बारिश से बचाकर जिस आलू और राजमा को रखा था उसे भी वह रास्ते ध्वस्त होने के कारण बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
बौन गांव में अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण आलू, राजमा की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन से पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। गांव के पिलनुटी और खोली तोक में दरारें भी आ गई हैं। ग्रामीण रमेश सिंह का कहना है कि ग्रामीणों की आलू और राजमा की फसल बर्बाद हो गई है। पैदल रास्ते ध्वस्त होने से लोग बाजार और अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कई बार इसकी सूचना प्रशासन को दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने एसडीएम कार्यालय में पत्र देकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने की मांग की है।