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सांस थमने से पहले बेटी को ‘परी’ नाम दे गई रिद्धिमा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 11:57 PM IST
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Riddhima named her daughter 'Pari' before she died
मां की मौत से बेखबर चार वर्षीय मासूम अंशुमन अपनी नवजात बहन को गोद में उठाए हुए। संवाद न्यूज एजेंस? - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण असमय काल का ग्रास बनी रिद्धिमा सांसें थमने से पहले अपनी बेटी को ‘परी’ नाम दे गई। अस्पताल में मां की मौत के बाद चार साल के मासूम अंशुमन ने जब अपनी बहन (नन्हीं परी) को गोद में रखा तो देखने वालों की आंखें नम हो गईं।
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सुरक्षित प्रसव की उम्मीद लेकर महिला अस्पताल पहुंची रिद्धिमा ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि डॉक्टरों की देखरेख में ही उसकी सांसें उखड़ जाएंगी। शुक्रवार को रिद्धिमा अपने पति के साथ महिला अस्पताल आई थी। प्रसव का समय पूरा होने से उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। हीमोग्लोबिन कम होने पर नाजुक हालत देखते हुए उसे खून चढ़ाया गया। देर रात उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सुबह लगभग 7.55 बजे ड्यूटी पर तैनात डाक्टर की देखरेख में उसकी नार्मल डिलीवरी कराई गई। डाक्टरों और परिजनों के अनुसार डिलीवरी के कुछ समय तक वह सामान्य थी। उसने राउंड पर आई डॉक्टर भागीरथी को धन्यवाद भी किया।
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इस बीच अपनों की मौजूदगी में बेटी का नाम ‘परी’ रखने की बात भी कही। कुछ देर बाद देखते ही देखते उसकी सांसों की डोर सदा के लिए टूट गई। रिद्धिमा की यह दूसरी डिलीवरी थी। जब रिद्धिमा की सांसें टूटीं तो उसका चार साल का मासूम बेटा अंशुमन भी अस्पताल परिसर में ही खेल रहा था। कुछ देर पहले सामान्य बैठे परिजनों के चीत्कार करने से वह भी सहम गया। मासूम अंशुमन को भी नहीं पता था कि उसकी मां अब इस दुनियां में नहीं रही।
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इसी दौरान किसी ने नन्हीं परी को उसकी गोद में रखा तो कुछ देर के लिए वह टुकर-टुकर अपनी बहन का चेहरा देखता रहा, जिसने भी इस दृश्य को देखा उसकी आंखें नम हो गईं। लोगों का एक ही सवाल है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्य सुविधाओं के तमाम इंतजाम के बावजूद आखिर इस महिला अस्पताल में कब तक गर्भवती महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ेगी।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पिथौरागढ़। रिद्धिमा की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके पिता प्रेमराम और मां हीरा देवी भी बेहाल हैं। रिद्धिमा के भाई सुनील और गणेश ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनकी बहन की मौत हुई है।
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