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छोटा कैलाश यात्रियों का पांचवां दल लौटा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:30 PM IST
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यात्रियों का दल लौटा
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़।छोटा कैलाश यात्रियों का पूरा दल यात्रा पूरी कर लौट आया है। दल के सदस्यों का सोमवार को यहां कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवासगृह में भव्य स्वागत हुआ। यात्रियों ने मानसरोवर वाटिका में पौधे रोपे। दल में 23 पुरुष, 14 महिलाएं हैं। यह दल यहां दोपहर भोजन के बाद जागेश्वर को रवाना हो गया। पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बुरांश का जूस पिलाकर यात्रियों का स्वागत किया और दोपहर भोजन में सात्विक खाना परोसा।
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दल में शामिल कर्नाटक के जी वेंकटरमन ने मानसरोवर वाटिका की सराहना की। कहा कि पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए यह प्रयास सराहनीय है। केएमवीएन के समन्वयक मोहन पांडे, भीम सिंह अधिकारी दल के साथ चल रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि पूरे रास्ते में मौसम सुहावना मिला। कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। स्वागत के समय हर सिंह, दीपक बिष्ट, राजेंद्र सिंह, नारायण दत्त, संजय पुनेठा, प्रदीप जोशी आदि थे।
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर चौथे दल के 53 सदस्य सोमवार की सुबह लिपुलेख दर्रा पारकर भारतीय क्षेत्र में आ गए हैं। यात्री सोमवार को गुंजी पहुंच गए हैं। सोमवार को ही छठे दल के 58 सदस्यों ने लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश किया। यह दल तकलाकोट में रुका है। कैलाश यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सातवें दल के 48 यात्री बूंदी पहुंच गए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम सुहावना है। अलबत्ता बूंदी से धारचूला के बीच में बारिश हो रही है।
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पिथौरागढ़। प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने सोमवार को यहां मानसरोवर वाटिका में पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मानसरोवर वाटिका में सिर्फ कैलाश यात्री ही नहीं वरन आम लोगों को भी पौधरोपण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में मानसरोवर वाटिका सबसे दर्शनीय बन जाएगी।