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मौसमी प्रवास से लौटने वाले नेपाल से ही जाएंगे

Wed, 28 Feb 2018 10:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Wed, 28 Feb 2018 10:26 PM IST
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Returning from seasonal migration to Nepal only
धारचूला में हुई बैठक में मौजूद भारत और नेपाल के जनप्रतिनिधि - फोटो : अमर उजाला

चीन सीमा पर स्थित व्यांस घाटी के सात गांवों सहित नेपाल के दो गांवों तक जाने वाले पैदल रास्ते की मरम्मत के लिए स्थानीय प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। रं कल्याण संस्था की ओर से स्थानीय रं संग्रहालय में भारत एवं नेपाल के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों की आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें तय हुआ कि इस बार मौसमी प्रवास से मूल गांवों को लौटने वाले नेपाल के रास्ते ही जाएंगे।

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एसडीएम आरके पांडे के अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि डीएम के दिशा निर्देश पर सीमा तक सड़क पहुंचाने के लिए उम्मीद के अनुरूप कार्य प्रगति चल रहा था, लेकिन विगत दिनों हुए भूस्खलन के कारण अप्रैल में नजंग गाड़ तक सड़क पहुंचने की संभावना समाप्त हो गई है। वर्तमान में लखनपुर से आगे पैदल चलना भी कठिन हो गया है। जानवरों की आवाजाही असंभव है। ऐसे में अप्रैल में होने वाले मौसमी प्रवास पर संकट के बादल छाने लगे है। यदि स्थानीय स्तर पर कोई ठोस उपाय नहीं किए गए तो मौसमी प्रवास पर लोगों का मूल गांवों तक लौट पाना संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में फिलहाल लखनपुर तक भारतीय सड़क का उपयोग कर लखनपुर से नेपाल में प्रवेश कर फिर से नजंग गाड़ के रास्ते भारतीय क्षेत्र में पहुंचा जाएगा।
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रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष केएस गर्ब्याल एवं संरक्षक अशोक नबियाल ने कहा कि भारत-नेपाल के पारंपरिक रोटी-बेटी के संबंधों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को स्थानीय स्तर भी प्रयास तेज करने होंगे। उन्होंने कहा कि नेपाल के दार्चुला प्रशासन से मिलकर समस्या के शीघ्र हल की मांग करेंगे। नेपाल केे मेयर दिलेंद्र बुड़ाथोकी एवं नेपाली कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ललित बोरा ने कहा कि भारत-नेपाल के सीमांत के लोगों के संकट एक समान हैं। नेपाल की तरफ 500 मीटर सड़क को नेपाली श्रमिकों के माध्यम से दुरुस्त किया जाएगा। मेयर ने आश्वासन दिया कि स्थानीय बजट से रास्ते की मरम्मत होगी। नेपाल के दार्चुला के विधायक ग्येल्बो बोरा ने फोन पर नेपाल के डीएम से वार्ता कर समस्या का समाधान करने को कहा।
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वहीं, भारत तिब्बत व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली, दान सिंह बुदियाल, लक्ष्मण ह्यांकी ने कहा कि नजंग चढ़ाई में अब भी घोड़े-खच्चरों के लायक रास्ता नहीं बन पाया है। बैठक में तहसीलदार डॉ. ललित मोहन तिवारी, नेपाल की ओर से अशोक बोरा, जयेंद्र ऐतवाल, मनोज लामा, चमक तिंकरी, हरीश गुंज्याल, व्यांस की प्रधान लक्ष्मी रायपा, पुष्पा देवी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। संचालन देवकृष्ण फकलियाल ने किया।

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