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गर्भधारण के बाद कितने गर्भपात हुए रिपोर्ट दें : डीएम
Thu, 06 Jun 2024 10:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 06 Jun 2024 10:18 PM IST
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पिथौरागढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम। संवाद
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पिथौरागढ़। डीएम रीना जोशी ने बृहस्पतिवार को गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीकी (लिंग चयन प्रतिषेध) के लिए गठित सलाहकार समिति के साथ बैठक की। उन्होंने सीएमओ को गर्भधारण के तीन माह बाद कितने गर्भपात हुए इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में डीएम रीना जोशी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि तीन माह में जिले में कितने गर्भपात हुए हैं, किन कारणों से हुए हैं, किसकी सलाह पर दवाई ली गई हैं इसकी सूचना उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने मेडिकल स्टोरों को पत्र जारी कर बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भपात की दवा किसी को भी उपलब्ध नहीं कराने को कहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और एनजीओ के माध्यम से महिला और पुरुषों को गर्भपात करने के बाद महिलाओं को कौन सी दिक्कत होने लगती हैं, इस बारे में भी जानकारी देने को कहा।
डीएम ने बाल विकास अधिकारी निर्मल बसेड़ा को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भपात और गर्भपात होने के बाद होने वाली जानकारियां देने के लिए अभियान चलाने को कहा। सीएमओ ने कहा कि जिले में छह राजकीय पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र और 11 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं। आशा सर्वे के अनुसार वर्ष 2022-23 जिले में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात पुरुष 17,573 और महिला 16,189 हैं। बैठक में पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को हुई बैठक में डीएम रीना जोशी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि तीन माह में जिले में कितने गर्भपात हुए हैं, किन कारणों से हुए हैं, किसकी सलाह पर दवाई ली गई हैं इसकी सूचना उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने मेडिकल स्टोरों को पत्र जारी कर बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भपात की दवा किसी को भी उपलब्ध नहीं कराने को कहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता, एएनएम और एनजीओ के माध्यम से महिला और पुरुषों को गर्भपात करने के बाद महिलाओं को कौन सी दिक्कत होने लगती हैं, इस बारे में भी जानकारी देने को कहा।
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डीएम ने बाल विकास अधिकारी निर्मल बसेड़ा को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भपात और गर्भपात होने के बाद होने वाली जानकारियां देने के लिए अभियान चलाने को कहा। सीएमओ ने कहा कि जिले में छह राजकीय पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र और 11 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं। आशा सर्वे के अनुसार वर्ष 2022-23 जिले में शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों का लिंगानुपात पुरुष 17,573 और महिला 16,189 हैं। बैठक में पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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