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लॉकडाउन के दौरान बढ़ी कच्ची शराब की तस्करी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2020 04:36 PM IST
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Raw liquor smuggling increased during lockdown.
संवाद न्यूज एजेंसी
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पिथौरागढ़। लॉकडाउन के दौरान अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानों के बंद होने के बाद कच्ची शराब की तस्करी बढ़ गई है। गांव गांव शराब बनाकर नगरीय क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है। बावजूद इसके कच्ची शराब की तस्करी पर रोक लगाने पर पुलिस और आबकारी विभाग नाकाम साबित हुआ है। लॉकडाउन की वजह से जिले की सभी 25 अंग्रेजी शराब की दुकानें बंद हैं। जिस कारण सीमांत जिले में कच्ची शराब का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से कच्ची शराब बनाई जा रही हैं। बतादें कि रसैपाटा, सुवालेख,देवलथल सहित कई अन्य क्षेत्रों से शराब नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है। बड़ा सवाल ये है कि लॉकडाउन के दौरान सिर्फ पास वाले वाहनों को चलने की अनुमति है। इसके बाद भी ये कच्ची शराब नगरीय क्षेत्रों तक कैसे पहुंच रही है। इससे पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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:- सेहत के लिए हानिकारक है कच्ची शराब :: पिथौरागढ़। कच्ची शराब का निर्माण सड़े गले फलों और गन्दगी के बीच बनाई जाती है। इस शराब की कोई टेस्टिंग नहीं की जाती है। इसका इस्तेमाल लोगों के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है।
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: --क्या बोले अफसर : ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब बनाने की शिकायत मिल रही है। कई लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है। विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। -धीरेंद्र सिंह,आबकारी निरीक्षक पिथौरागढ़।
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