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Pithoragarh News: महिला से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास
Wed, 15 Mar 2023 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:33 PM IST
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पिथौरागढ़। महिला से दुष्कर्म के दोषी को जिला सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने 10 साल के कठोर कारावास और 7500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार 28 अगस्त 2021 को गंगोलीहाट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी गोपाल सिंह महरा ने घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म और मारपीट की। इस मामले में 29 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गंगोलीहाट थाने में आईपीसी की धारा 450, 376, 323, 325 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला।
दोनों पक्षों और गवाहों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने दोष सिद्ध करते हुए आरोपी को आईपीसी की धारा 450 में तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार के जुर्माने की सजा, धारा 323 में छह माह का कठोर कारावास और पांच सौ रुपये का जुर्माना, धारा 325 में एक वर्ष का कठोर कारावास और एक हजार का जुर्माना, धारा 376(1) में दस वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
जुर्माने की राशि में से पांच हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे। जिला सत्र न्यायाधीश ने कहा है कि आरोपी के इस कृत्य से पीड़िता के पारिवारिक और सामाजिक आचरण को ठेस पहुंची है। इसलिए पीड़िता को उत्तराखंड में अपराध से पीड़ित सहायता योजना के तहत प्रतिकर दिलाए जाने के लिए प्रकरण को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) प्रमोद पंत और प्रेम भंडारी ने पैरवी की।
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मामले के अनुसार 28 अगस्त 2021 को गंगोलीहाट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी गोपाल सिंह महरा ने घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म और मारपीट की। इस मामले में 29 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गंगोलीहाट थाने में आईपीसी की धारा 450, 376, 323, 325 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। यह मामला जिला सत्र न्यायालय में चला।
दोनों पक्षों और गवाहों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश सहदेव सिंह ने दोष सिद्ध करते हुए आरोपी को आईपीसी की धारा 450 में तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार के जुर्माने की सजा, धारा 323 में छह माह का कठोर कारावास और पांच सौ रुपये का जुर्माना, धारा 325 में एक वर्ष का कठोर कारावास और एक हजार का जुर्माना, धारा 376(1) में दस वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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जुर्माने की राशि में से पांच हजार रुपये पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे। जिला सत्र न्यायाधीश ने कहा है कि आरोपी के इस कृत्य से पीड़िता के पारिवारिक और सामाजिक आचरण को ठेस पहुंची है। इसलिए पीड़िता को उत्तराखंड में अपराध से पीड़ित सहायता योजना के तहत प्रतिकर दिलाए जाने के लिए प्रकरण को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) प्रमोद पंत और प्रेम भंडारी ने पैरवी की।
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