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रालम गांव में 56 मकानों की छतें उड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला मुनस्यारी (पिथौरागढ़)।
Updated Mon, 04 May 2015 01:07 AM IST
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जनवरी में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आए जबर्दस्त तूफान के कारण मिलम घाटी के रालम गांव में लगभग 56 मकानों की छतें उड़ गई हैं और पांच मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। पातो गांव के लोग गर्मियों में रालम गांव में प्रवास के लिए जाते हैं।
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पांच दिन पूर्व जब पातो गांव के कुछ लोग वहां रास्ते और मकानों की स्थिति का जायजा लेने गए थे तभी उनको इस नुकसान की जानकारी मिली। इस समय रालम गांव में कोई नहीं रहता। अब अगले हफ्ते पातो गांव के 100 परिवार रालम को कूच करेंगे लेकिन मकानों को भारी नुकसान हो जाने के कारण ग्रामीणों के सामने भारी दिक्कत आने वाली है।
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पातो गांव के पान सिंह दरियाल, देवेंद्र सिंह दरियाल, बहादुर सिंह बोनाल, खड़क सिंह ढकरियाल, दुर्योधन सिंह दरियाल, नैनराम आदि रालम जाने वाले रास्ते की स्थिति का जायजा लेने गए थे। यह लोग ग्रीष्मकाल में रालम गांव में प्रवास करते हैं। इन लोगों के पास भेड़ें तथा अन्य जानवर होते हैं। उनको रालम के बुग्यालों में चराया जाता है।
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इन लोगों ने रालम से रविवार को उपजिलाधिकारी जयभारत सिंह को सूचना दी है कि गांव में 56 मकानों की छतें आठ जनवरी को आए बर्फीले तूफान के कारण नष्ट हो गई हैं। तूफान से पांच मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पातो गांव के लोग इस घटना की जानकारी सोमवार को उनके गांव के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री को देने वाले हैं।
पातो गांव के 100 परिवार सितंबर के अंत तक रालम में रहते हैं। अब मकानों को नुकसान पहुंचने से इन लोगों के सामने भारी समस्या आ गई है। मकानों की मरम्मत किए बिना उनमें रह पाना संभव नहीं है।