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विश्वविद्यालय की मांग को लेकर प्रदर्शन
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पिथौरागढ़ डीएम कार्यालय में भगवा रक्षा छात्र वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। भगवा रक्षा छात्र वाहिनी ने विश्वविद्यालय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा पिथौरागढ़ में विश्वविद्यालय नहीं बनाया गया तो चरणबद्व आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को वाहिनी के प्रांत मंत्री योगेश सिंह धामी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथ में पोस्टर लेकर डीएम कार्यालय में एकत्र होकर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि विगत दिनों सरकार ने एसएसजे परिसर अल्मोड़ा को विश्वविद्यालय का दर्जा और पिथौरागढ़ महाविद्यालय को परिसर का दर्जा दिया गया, जो सीमांत के युवाओं के साथ अन्याय है। धामी ने कहा कि सीमांत के लोग वर्ष 1972 से विश्वविद्यालय की मांग कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी अभी तक मांग की अनेदखी की जाती रही है।
पिथौरागढ़ में महाविद्यालयों की संख्या अधिक है। ऐसे में यहां पर विश्वविद्यालय खोला जाना जरूरी है। वाहिनी के जिला प्रतिनिधि कैलाश चंद्र पांडेय ने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है। जो गलत है। इससे संक्रमण के अधिक बढ़ने की संभावना है। इस दौरान पंकज जोशी, हरीश सिंह ठगुन्ना, सूरज सिंह ठगुन्ना, सुरेंद्र सिंह राजा, दिव्यांशी भंडारी, पवन पांडेय आदि शामिल रहे।
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सोमवार को वाहिनी के प्रांत मंत्री योगेश सिंह धामी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाथ में पोस्टर लेकर डीएम कार्यालय में एकत्र होकर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि विगत दिनों सरकार ने एसएसजे परिसर अल्मोड़ा को विश्वविद्यालय का दर्जा और पिथौरागढ़ महाविद्यालय को परिसर का दर्जा दिया गया, जो सीमांत के युवाओं के साथ अन्याय है। धामी ने कहा कि सीमांत के लोग वर्ष 1972 से विश्वविद्यालय की मांग कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी अभी तक मांग की अनेदखी की जाती रही है।
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पिथौरागढ़ में महाविद्यालयों की संख्या अधिक है। ऐसे में यहां पर विश्वविद्यालय खोला जाना जरूरी है। वाहिनी के जिला प्रतिनिधि कैलाश चंद्र पांडेय ने कहा कि कोरोना काल में सरकार ने परीक्षाएं कराने का निर्णय लिया है। जो गलत है। इससे संक्रमण के अधिक बढ़ने की संभावना है। इस दौरान पंकज जोशी, हरीश सिंह ठगुन्ना, सूरज सिंह ठगुन्ना, सुरेंद्र सिंह राजा, दिव्यांशी भंडारी, पवन पांडेय आदि शामिल रहे।
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