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अतिक्रमण चिन्हित करने पर भड़के
ब्यूरो/अमर उजाला,गंगोलीहाट /पिथौरागढ़
Updated Thu, 21 Jan 2016 10:17 PM IST
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लोनिवि और प्रशासन द्वारा पोस्टआफिस लाइन में 65 अतिक्रमण चिन्हित करने से गंगावली विकास मंच के कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने प्रशासन पर आंदोलन को तोड़ने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए डामरीकरण के नाम पर पोस्टआफिस लाइन में अतिक्रमण चिन्हित करने का विरोध किया है।
बता दें कि सोमवार तक लोनिवि और प्रशासन ने पोस्टआफिस लाइन में 65 अतिक्रमण चिन्हित कर लिए हैं। देर शाम प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में मंच ने कहा कि पोस्टआफिस लाइन में पहले भी डामरीकरण होता रहा है। प्रशासन डामरीकरण के नाम पर अतिक्रमण का भय दिखा रहा है।
आंदोलन के दौरान अतिक्रमण चिन्हित करना गलत है। कहा कि 23 जनवरी को जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, सड़कों के निर्माण, पेयजल योजना की जांच समेत तमाम मांगों को लेकर गंगावली विकास मंच का आंदोलन जारी है। बृहस्पतिवार को जगदीश सिंह बोरा, गोपाल सिंह क्रमिक अनशन में बैठे।
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आंदोलनकारियों ने धरातल पर विकास के काम उतरने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने का एलान किया है। मंच के अध्यक्ष श्यामाचरण उप्रेती, पूर्व प्रधान शंकर लाल चौधरी ने कहा कि गंगोलीहाट को विकास के मामले हमेशा छला गया है। इंटर कालेज की स्थापना हो, आईटीआई, तहसील, नगर पंचायत या पेयजल योजना की मंजूरी गंगोलीहाट के लोगों को हमेशा आंदोलन का सहारा लेना पड़ा है।
अनिल उप्रेती, त्रिभुवन नेगी, बब्बी नेगी, किशन सिंह भंडारी, शेकर पंत, माया देवी, रजनी देवी, भगवती मेहरा, रेनू चौधरी, अनीता भंडारी, चंद्रशेखर चौधरी, मनीष बिष्ट, सर्वजीत राम, गोपाल सिंह, घनश्याम साह, शेखर पंत, प्रदीप कोठारी, प्रदीप पंत ने धरना दिया। उधर, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र रावल ने आंदोलन को समर्थन देने का एलान करते हुए कहा कि व्यापारी जुलूस में शामिल रहेंगे। अब व्यापारी बारी-बारी से क्रमिक अनशन में भी बैठेंगे।
हरकत में आने लगे ‘बेहरकत’ महकमे
आंदोलनकारियों के तीखे तेवर का असर कहें या बगैर हल्ला किए हम कुछ नहीं करेंगे की तर्ज पर काम कर रहे सरकारी महकमों की कार्यप्रणाली, गंगोलीहाट आंदोलन के बाद मांगों पर हरकत भी होने लगी है।
लोनिवि ने पोस्टआफिस लाइन में बाधा बने अतिक्रमणों को 26 जनवरी तक स्वयं हटाने के लिए नोटिस बोर्ड लगा दिए हैं। 15 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस भेजे गए हैं। करीब 24 अतिक्रमण चिन्हित करने की बात सामने आ रही है। कहा गया है कि इसके बाद जेसीबी लगाकर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क में डामरीकरण किया जाएगा। गंगोलीहाट नगर में बिजली के सड़ेगले पोलों को बदलने की दिशा में काम होता दिखाई दे रहा था। महकमे ने नए पोल स्थल पर पहुंचाने प्रारंभ कर दिए हैं। ये दो मुद्दे आंदोलनकारियों के एजेंडे में शामिल हैं। अन्य मुद्दों पर भी कार्रवाई का इंतजार इलाके की जनता को है।
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बता दें कि सोमवार तक लोनिवि और प्रशासन ने पोस्टआफिस लाइन में 65 अतिक्रमण चिन्हित कर लिए हैं। देर शाम प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में मंच ने कहा कि पोस्टआफिस लाइन में पहले भी डामरीकरण होता रहा है। प्रशासन डामरीकरण के नाम पर अतिक्रमण का भय दिखा रहा है।
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आंदोलन के दौरान अतिक्रमण चिन्हित करना गलत है। कहा कि 23 जनवरी को जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, सड़कों के निर्माण, पेयजल योजना की जांच समेत तमाम मांगों को लेकर गंगावली विकास मंच का आंदोलन जारी है। बृहस्पतिवार को जगदीश सिंह बोरा, गोपाल सिंह क्रमिक अनशन में बैठे।
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आंदोलनकारियों ने धरातल पर विकास के काम उतरने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने का एलान किया है। मंच के अध्यक्ष श्यामाचरण उप्रेती, पूर्व प्रधान शंकर लाल चौधरी ने कहा कि गंगोलीहाट को विकास के मामले हमेशा छला गया है। इंटर कालेज की स्थापना हो, आईटीआई, तहसील, नगर पंचायत या पेयजल योजना की मंजूरी गंगोलीहाट के लोगों को हमेशा आंदोलन का सहारा लेना पड़ा है।
अनिल उप्रेती, त्रिभुवन नेगी, बब्बी नेगी, किशन सिंह भंडारी, शेकर पंत, माया देवी, रजनी देवी, भगवती मेहरा, रेनू चौधरी, अनीता भंडारी, चंद्रशेखर चौधरी, मनीष बिष्ट, सर्वजीत राम, गोपाल सिंह, घनश्याम साह, शेखर पंत, प्रदीप कोठारी, प्रदीप पंत ने धरना दिया। उधर, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र रावल ने आंदोलन को समर्थन देने का एलान करते हुए कहा कि व्यापारी जुलूस में शामिल रहेंगे। अब व्यापारी बारी-बारी से क्रमिक अनशन में भी बैठेंगे।
हरकत में आने लगे ‘बेहरकत’ महकमे
आंदोलनकारियों के तीखे तेवर का असर कहें या बगैर हल्ला किए हम कुछ नहीं करेंगे की तर्ज पर काम कर रहे सरकारी महकमों की कार्यप्रणाली, गंगोलीहाट आंदोलन के बाद मांगों पर हरकत भी होने लगी है।
लोनिवि ने पोस्टआफिस लाइन में बाधा बने अतिक्रमणों को 26 जनवरी तक स्वयं हटाने के लिए नोटिस बोर्ड लगा दिए हैं। 15 लोगों को अतिक्रमण हटाने के नोटिस भेजे गए हैं। करीब 24 अतिक्रमण चिन्हित करने की बात सामने आ रही है। कहा गया है कि इसके बाद जेसीबी लगाकर अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क में डामरीकरण किया जाएगा। गंगोलीहाट नगर में बिजली के सड़ेगले पोलों को बदलने की दिशा में काम होता दिखाई दे रहा था। महकमे ने नए पोल स्थल पर पहुंचाने प्रारंभ कर दिए हैं। ये दो मुद्दे आंदोलनकारियों के एजेंडे में शामिल हैं। अन्य मुद्दों पर भी कार्रवाई का इंतजार इलाके की जनता को है।