{"_id":"684f07b427af78ecd60cd770","slug":"positive-news-in-district-pithoragarh-news-c-230-1-pth1003-129113-2025-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर मिलेगा कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर मिलेगा कारोबार
Sun, 15 Jun 2025 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 15 Jun 2025 11:19 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। राज्य सरकार की वोकल फॉर लोकल योजना को अब सेना का भी साथ मिल गया है। इंडो-तिब्बत बार्डर पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के बाद अब पिथौरागढ़ में तैनात भारतीय सेना ने भी जिले के पशुपालकों से भेड़-बकरी और मुर्गी उत्पादों को नियमित खरीद के लिए समझौता (एमओयू) किया है।
आर्मी सप्लाई कोर पिथौरागढ़ के परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम विनोद गोस्वामी और सेना के अधिकारियों ने सप्लाई वैन को हरी झंडी दिखाकर योजना की औपचारिक शुरुआत की। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल सीमांत जिलों में आजीविका को स्थिरता देगी और पलायन को रोकने में सहायक होगी। योजना बीते वर्ष पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी। स्थानीय सहकारी समितियों के माध्यम से आईटीबीपी की चौकियों को भेड़-बकरी और मुर्गियों की सप्लाई की जा रही है।
इससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर रहकर कारोबार मिल रहा है। उत्पादों की गुणवत्ता से प्रभावित होकर बलों ने इस बार 100 प्रतिशत आपूर्ति का भरोसा स्थानीय स्तर पर ही जताया है।
विज्ञापन
एसएसबी के साथ भी इसी तरह का एमओयू किया है जिसके तहत बल को मत्स्य (मछली) आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
आर्मी सप्लाई कोर पिथौरागढ़ के परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम विनोद गोस्वामी और सेना के अधिकारियों ने सप्लाई वैन को हरी झंडी दिखाकर योजना की औपचारिक शुरुआत की। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल सीमांत जिलों में आजीविका को स्थिरता देगी और पलायन को रोकने में सहायक होगी। योजना बीते वर्ष पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी। स्थानीय सहकारी समितियों के माध्यम से आईटीबीपी की चौकियों को भेड़-बकरी और मुर्गियों की सप्लाई की जा रही है।
विज्ञापन
इससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर रहकर कारोबार मिल रहा है। उत्पादों की गुणवत्ता से प्रभावित होकर बलों ने इस बार 100 प्रतिशत आपूर्ति का भरोसा स्थानीय स्तर पर ही जताया है।
विज्ञापन
एसएसबी के साथ भी इसी तरह का एमओयू किया है जिसके तहत बल को मत्स्य (मछली) आपूर्ति शुरू कर दी गई है।