{"_id":"682a1c7b0f6fcbea4a0f6b8c","slug":"positive-news-in-district-pithoragarh-news-c-230-1-pth1003-127953-2025-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: मदकोट रूट पर सप्ताह में केवल दो तीन दिन संचालित हो रही बस सेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: मदकोट रूट पर सप्ताह में केवल दो तीन दिन संचालित हो रही बस सेवा
विज्ञापन
पिथौरागढ़। मदकोट रूट पर संचालित पिथौरागढ़ डिपो की बस सप्ताह में केवल दो या तीन दिन ही संचालित हो रही है। इससे लोगाें को टैक्सियों में महंगा किराया देकर आवाजाही करनी पड़ रही है। लोगों ने गोरीछाल वासियों के लिए बस सेवा का नियमित संचालन करने की मांग की है।
उत्तराखंड परिवहन निगम की पिथौरागढ़ डिपो से 15 वर्ष पहले तक बंगापानी-मदकोट रूट पर चार बसों का संचालन होता था। तब क्षेत्र के लोग इन बसों के सहारे जिला मुख्यालय आसानी से आवाजाही करते थे।
हाल के वर्षों में इस रूट पर बस सेवा लड़खड़ाने लगी और एक-एक कर बसों का संचालन बंद हो गया। लोगों की लगातार मांग के बाद कुछ समय पहले पिथौरागढ़-मदकोट रूट पर सीधी बस सेवा का संचालन शुरू हुआ था। पिछले कुछ दिनों से यह बस सप्ताह में केवल दो या तीन दिन ही मदकोट पहुंच रही है।
विज्ञापन
ऐसे में अन्य दिनों लोगों को अधिक किराया देकर टैक्सी से सफर करना पड़ रहा है।
इसके अलावा सरकार की ओर से संचालित मुफ्त यात्रा का लाभ बुजुर्गों को भी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के करन सिंह, कैलाश, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि बस सेवा न होने से टैक्सी संचालक महज तीन से पांच किमी का किराया 20 से 30 रुपये ले रहे हैं। अन्य विकल्प नहीं होने से मनमाना किराया चुकाना उनकी मजबूरी है।
विज्ञापन
उत्तराखंड परिवहन निगम की पिथौरागढ़ डिपो से 15 वर्ष पहले तक बंगापानी-मदकोट रूट पर चार बसों का संचालन होता था। तब क्षेत्र के लोग इन बसों के सहारे जिला मुख्यालय आसानी से आवाजाही करते थे।
विज्ञापन
हाल के वर्षों में इस रूट पर बस सेवा लड़खड़ाने लगी और एक-एक कर बसों का संचालन बंद हो गया। लोगों की लगातार मांग के बाद कुछ समय पहले पिथौरागढ़-मदकोट रूट पर सीधी बस सेवा का संचालन शुरू हुआ था। पिछले कुछ दिनों से यह बस सप्ताह में केवल दो या तीन दिन ही मदकोट पहुंच रही है।
विज्ञापन
ऐसे में अन्य दिनों लोगों को अधिक किराया देकर टैक्सी से सफर करना पड़ रहा है।
इसके अलावा सरकार की ओर से संचालित मुफ्त यात्रा का लाभ बुजुर्गों को भी नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के करन सिंह, कैलाश, महेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि बस सेवा न होने से टैक्सी संचालक महज तीन से पांच किमी का किराया 20 से 30 रुपये ले रहे हैं। अन्य विकल्प नहीं होने से मनमाना किराया चुकाना उनकी मजबूरी है।