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Pithoragarh News: बांसबगड़ में तेजपत्ते की खेती से मिल रहा रोजगार
Fri, 14 Feb 2025 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 14 Feb 2025 11:00 PM IST
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नाचनी (पिथौरागढ़)। जंगली जानवरों की धमक से बांसबगड़ न्याय पंचायत के कई गांवों के किसानों ने अपनी नापभूमि में तेजपत्ता का उत्पादन करना शुरू कर दिया है। इसके उत्पादन से किसानों को अच्छी आय के साथ ही महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। तेजपत्ता की खेती में अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती है।
बांसबगड़ के युवा किसान एवं विपणनकर्ता प्रहलाद सिंह रिठाल ने बताया कि क्षेत्र के बजेता, गोल गांव, बांसबगड़, बरा, गुटी, सेलमाली, दाखिम, तल्ला भैंसकोट, क्वीटी आदि गांवों के सैकड़ों किसानों ने वन्य जीवों के भय से खेती, बागवानी करना बंद कर दिया है।
किसानों ने पांच से सात वर्ष पूर्व अपनी कृषि भूमि में तेजपत्ता के पौधों का रोपण कर नकदी खेती का उत्पादन शुरू कर दिया है। वर्तमान में कई किसान 20 से 40 क्विंटल तेजपत्ता का उत्पादन कर रहे हैं।
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इस वर्ष 500 क्विंटल उत्पादन होने का अनुमान है। तेजपत्ता को संग्रह करने का कार्य बेरोजगार महिलाएं कर रही हैं। इससे उनकी आय में भी इजाफा हो रहा है।
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बांसबगड़ के युवा किसान एवं विपणनकर्ता प्रहलाद सिंह रिठाल ने बताया कि क्षेत्र के बजेता, गोल गांव, बांसबगड़, बरा, गुटी, सेलमाली, दाखिम, तल्ला भैंसकोट, क्वीटी आदि गांवों के सैकड़ों किसानों ने वन्य जीवों के भय से खेती, बागवानी करना बंद कर दिया है।
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किसानों ने पांच से सात वर्ष पूर्व अपनी कृषि भूमि में तेजपत्ता के पौधों का रोपण कर नकदी खेती का उत्पादन शुरू कर दिया है। वर्तमान में कई किसान 20 से 40 क्विंटल तेजपत्ता का उत्पादन कर रहे हैं।
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इस वर्ष 500 क्विंटल उत्पादन होने का अनुमान है। तेजपत्ता को संग्रह करने का कार्य बेरोजगार महिलाएं कर रही हैं। इससे उनकी आय में भी इजाफा हो रहा है।