{"_id":"6ad11023db0801ac5b077c7f","slug":"polyhouse-farming-in-the-hills-is-transforming-the-fortunes-of-farmers-pithoragarh-news-c-229-1-shld1026-145651-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: पहाड़ पर पॉलीहाउस खेती से संवर रही किसानों की तकदीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: पहाड़ पर पॉलीहाउस खेती से संवर रही किसानों की तकदीर
Thu, 15 Oct 2026 11:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
चंपावत। पर्वतीय क्षेत्र में पॉलीहाउस खेती किसानों की आय बढ़ाने और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बन रही है। उद्यान विभाग की 80 फीसदी अनुदान योजना का लाभ लेकर जिले के किसान शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, बंदगोभी और फूलगोभी का उत्पादन कर सालाना तीन से छह लाख रुपये तक कमा रहे हैं।
काश्तकार शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, बंदगोभी व फूलगोभी जैसी सब्जियों का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उद्यान विभाग भी पॉलीहाउस स्थापित करने के लिए किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित कर रहा है। लोहाघाट क्षेत्र के काश्तकार पॉलीहाउस स्थापित करने में अपनी सबसे अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
ग्राम फोर्ती के धर्मानंद मुरारी ने 300 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में शिमला मिर्च और टमाटर का उत्पादन कर इस सीजन में 28 से 30 क्विंटल शिमला मिर्च का उत्पादन किया। डुंगरी फर्त्याल के रघुवर मुरारी ने 30 क्विंटल शिमला मिर्च, 15 क्विंटल खीरा, 12 क्विंटल टमाटर और 18 क्विंटल बंदगोभी का उत्पादन किया और उनकी वार्षिक आय चार से छह लाख रुपये तक पहुंच रही है।
विज्ञापन
बुंगा फर्त्याल के राकेश उपाध्याय ने कोविड काल में गांव लौटने के बाद पत्नी के साथ उद्यानिकी को स्वरोजगार बनाया। 200 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में 16 क्विंटल शिमला मिर्च और आठ क्विंटल टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन किया। वह सालाना तीन से चार लाख रुपये की आय कर रहे हैं। गंगनौला के कृपाल दत्त ने भी पॉलीहाउस में 10 से 11 क्विंटल बंदगोभी का उत्पादन किया।
विज्ञापन
काश्तकार शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, बंदगोभी व फूलगोभी जैसी सब्जियों का उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उद्यान विभाग भी पॉलीहाउस स्थापित करने के लिए किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित कर रहा है। लोहाघाट क्षेत्र के काश्तकार पॉलीहाउस स्थापित करने में अपनी सबसे अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
ग्राम फोर्ती के धर्मानंद मुरारी ने 300 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में शिमला मिर्च और टमाटर का उत्पादन कर इस सीजन में 28 से 30 क्विंटल शिमला मिर्च का उत्पादन किया। डुंगरी फर्त्याल के रघुवर मुरारी ने 30 क्विंटल शिमला मिर्च, 15 क्विंटल खीरा, 12 क्विंटल टमाटर और 18 क्विंटल बंदगोभी का उत्पादन किया और उनकी वार्षिक आय चार से छह लाख रुपये तक पहुंच रही है।
विज्ञापन
बुंगा फर्त्याल के राकेश उपाध्याय ने कोविड काल में गांव लौटने के बाद पत्नी के साथ उद्यानिकी को स्वरोजगार बनाया। 200 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में 16 क्विंटल शिमला मिर्च और आठ क्विंटल टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन किया। वह सालाना तीन से चार लाख रुपये की आय कर रहे हैं। गंगनौला के कृपाल दत्त ने भी पॉलीहाउस में 10 से 11 क्विंटल बंदगोभी का उत्पादन किया।