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यात्रियों को नियंत्रित करने को बुलानी पड़ी पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:42 PM IST
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पिथौरागढ़ रोडवेज स्टेशन में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैनात पुलिस जवान
- फोटो : अमर उजाला
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मैदानी क्षेेत्रों की ओर लौटने वालों की रविवार को भी काफी संख्या रही। दिल्ली, देहरादून, लखनऊ, बरेली जाने वाली बसें यात्रियों से खचाखच भरकर रवाना हुई। तड़के स्टेशन पहुंचे कई यात्रियों को दोपहर तक भी बसों में सीट नहीं मिल सकी। सैकड़ों की संख्या में यात्री बसों में सीटें कब्जाने के लिए वर्कशॉप पहुंच गए, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए एआरएम को पुलिस बुलानी पड़ी।
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रविवार को मैदानी क्षेत्रों की ओर लौटने वाले यात्रियों की संख्या शनिवार से दोगुनी रही। बसें पकड़ने के लिए सुबह ही यात्री स्टेशन पहुंच गए। हल्द्वानी, दिल्ली सहित अन्य स्टेशनों के लिए निकलने वाली बसों में यात्रियों को सीट को लेकर खासी जद्दोजहद करनी पड़ी। सीटों के लिए कई यात्री वर्कशॉप पहुंच गए। सैकड़ों यात्रियों के वर्कशॉप में जाने से मारामारी की स्थिति पैदा हो गई। कई यात्री खिड़की से बसों में घुस गए। यात्रियों की भीड़ से वहां अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। एआरएम राजेंद्र प्रसाद ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
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इसके बाद कोतवाल ध्यान सिंह पुलिस कर्मियों को लेकर रोडवेज वर्कशॉप पहुंचे। पुलिस ने यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया। सुबह से इंतजार करने के बाद भी कई यात्रियों को बसों में सीट नहीं मिल सकी। स्टेशन में घंटों इंतजार करने के कारण बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। यात्रियों की भीड़ देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए रोडवेज स्टेशन में भी पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे।
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मैदानी रूटों में भेजी गई 16 अतिरिक्त बसें
पिथौरागढ़। मैदानी क्षेत्रों के लिए यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से रविवार को 16 अतिरिक्त बसें भेजनी पड़ी। रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि छह बसें दिल्ली और सात अतिरिक्त बसें देहरादून के लिए भेजी गई। इसके अलावा तीन और बसें इन रूटों पर भेजी गई। 16 अतिरिक्त बसों का संचालन करने के बावजूद सभी यात्रियों को बसों में सीट नहीं मिल सकी।
11 बजे बाद मैदान के लिए टैक्सियां भी नहीं मिलीं
पिथौरागढ़। मैदानी क्षेत्रों के लिए रविवार सुबह से ही यात्री बसों के अलावा जीपों से भी रवाना हुए। टनकपुर और हल्द्वानी के लिए सैकड़ों की संख्या में यात्री जीपों से गए। 11 बजे बाद मैदानी रूटों के लिए यात्रियों को जीपें भी नहीं मिली। इन रूटों पर नियमित चलने वाली टैक्सियां भी पहले ही जा चुकी थी। कई यात्री अधिक किराया देने के लिए तैयार थे, लेकिन उन्हें टैक्सियां भी नहीं मिली।
थल से पिथौरागढ़ जाने वालों का लगा रहा तांता
थल (पिथौरागढ़)। दीपावली पर घर आए लोगों का रविवार सुबह से टैक्सी स्टैंड के पास तांता लगा रहा। अधिकतर लोग पिथौरागढ़ जाने वाले थे। इस कारण टैक्सियों में जाने वालों की सुबह से दोपहर 3 बजे तक भीड़ जुट गई। घंटों इंतजार के बाद भी टैक्सियां समय से नहीं मिल सकीं। वाहन कम होने और सवारियां अधिक होने से लोगों को 52 किमी दूर पिथौरागढ़ का सफर दो सौ रुपये टिकट देकर तय करना पड़ा। यात्रियों में टैक्सी चालकों की मनमानी से काफी आक्रोश भी था।