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Pithoragarh News: पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाएगा आदि कैलाश, पीएम मोदी के दौरे के बाद मिली वैश्विक पहचान
Sat, 09 Nov 2024 02:19 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 09 Nov 2024 02:19 PM IST
सार
आदि कैलाश आने वाले समय में पिथौरागढ़ जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इस साल 28000 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए।
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सांकेतिक तस्वीर।
विस्तार
व्यास घाटी में स्थित आदि कैलाश आने वाले समय में पिथौरागढ़ जिले को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इस साल 28000 से अधिक यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। अक्तूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे पर आने के बाद आदि कैलाश को वैश्विक पहचान मिली और देश के कोने- कोने से पर्यटकों का यहां आने का क्रम शुरू हो गया।
चंपावत जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित लोहाघाट की कोलीढेक झील के चलते क्षेत्र को नई पहचान मिली है। दिसंबर 2022 में बनकर तैयार हुई थी। 3076.12 लाख रुपये लागत से 1500 मीटर लंबी, 80 मीटर चौड़ी झील का निर्माण किया गया है। आज यहां नौकायन करने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आत हैं।
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- बड़ी तादात में पर्यटकों के आने से होम स्टे, होटल व्यवसाय और टैक्सी कारोबार को भी गति मिली है।
- मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। यहां भी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
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चंपावत जिला मुख्यालय से करीब 14 किलोमीटर दूर स्थित लोहाघाट की कोलीढेक झील के चलते क्षेत्र को नई पहचान मिली है। दिसंबर 2022 में बनकर तैयार हुई थी। 3076.12 लाख रुपये लागत से 1500 मीटर लंबी, 80 मीटर चौड़ी झील का निर्माण किया गया है। आज यहां नौकायन करने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आत हैं।
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