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आईसीयू और डायलिसिस यूनिट का संचालन नहीं होने पर डीएम को नोटिस
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में आईसीयू और डायलिसिस यूनिट का संचालन नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी विजय कुमार जोगदंडे को नोटिस भेजा है।
आईसीयू का संचालन नहीं होने के मामले में हल्द्वानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी, जिस पर आयोग ने पिथौरागढ़ डीएम से जवाब मांगा है। मानवाधिकार आयोग को भेजे गए पत्र में चड्ढा ने कहा था कि पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में स्टाफ नहीं होने से आईसीयू शोपीस बना हुआ है। लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार भी आईसीयू संचालन को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। अस्पताल में उपकरण स्थापित होने के बाद भी डायलिसिस यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे रोगियों को डायलिसिस के लिए हल्द्वानी, बरेली जाना पड़ रहा है।
गुरविंदर सिंह चड्ढा ने आयोग से दोनों सेवाओं के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि अस्पताल प्रबंधन सेवा शुरू करने में असमर्थ है तो दोनों सेवाएं पीपीपी मोड पर दे देनी चाहिए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने जिलाधिकारी से जवाब मांगा है।
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आईसीयू का संचालन नहीं होने के मामले में हल्द्वानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की थी, जिस पर आयोग ने पिथौरागढ़ डीएम से जवाब मांगा है। मानवाधिकार आयोग को भेजे गए पत्र में चड्ढा ने कहा था कि पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में स्टाफ नहीं होने से आईसीयू शोपीस बना हुआ है। लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार भी आईसीयू संचालन को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही है। अस्पताल में उपकरण स्थापित होने के बाद भी डायलिसिस यूनिट का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे रोगियों को डायलिसिस के लिए हल्द्वानी, बरेली जाना पड़ रहा है।
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गुरविंदर सिंह चड्ढा ने आयोग से दोनों सेवाओं के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया था कि यदि अस्पताल प्रबंधन सेवा शुरू करने में असमर्थ है तो दोनों सेवाएं पीपीपी मोड पर दे देनी चाहिए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने जिलाधिकारी से जवाब मांगा है।
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