Pithoragarh Accident: अगर लिफ्ट नहीं लेतीं तो आज जिंदा होतीं सरस्वती, बच जाती जान; काली नदी में गिरा था पिकअप
धारचूला-तवाघाट सड़क में चैतुलधार के पास सड़क हादसे में अकाल मृत्यु का ग्रास बनी सरस्वती अगर लिफ्ट नहीं लेतीं तो शायद वह आज जिंदा होतीं। सरस्वती धारचूला के लिए वाहन का इंतजार कर रही थीं। इस बीच पिकअप से उन्होंने लिफ्ट मांगी और हादसे में जान चली गई।
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धारचूला-तवाघाट सड़क में चैतुलधार के पास सड़क हादसे में अकाल मृत्यु का ग्रास बनी महिला सरस्वती उर्फ सरू पत्नी लक्ष्मण सिंह यदि लिफ्ट नहीं लेतीं तो शायद वह आज जिंदा होतीं। सरस्वती अपने गांव से दो किमी की दूरी पर धौली नदी पार कर दूसरे छोर पर आने के बाद धारचूला के लिए वाहन का इंतजार कर रही थीं। इस बीच राशन छोड़कर लौट रही पिकअप से उन्होंने लिफ्ट मांगी और हादसे में उनकी जान चली गई।
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दारमा घाटी के 14 गांवों के लोग माइग्रेशन पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गए हैं। सरस्वती चलाल मंगलवार को किसी जरूरी कार्य से धारचूला आ रही थीं। मृतका के पति लक्ष्मण सिंह चलाल सीआरपीएफ में हवलदार पद पर जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। उनकी चार बेटियां हैं। घटना की सूचना से परिजन सदमे में है। मृतका के पति छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना हो गए हैं। ग्राम प्रधान चल प्रधान सरस्वती देवी और उप प्रधान दिनेश चलाल ने घटना पर शोक संवेदना प्रकट की है।
लापता लोगों के परिजन बेसुध
सड़क हादसे के बाद पूर्ति निरीक्षक के लापता होने के बाद परिजन सदमे में हैं। पूर्ति निरीक्षक पुष्कर बोनाल की पत्नी और तीन बच्चे एवं मंगल सिंह बोनाल के तीन बच्चे और परिजन बेसुध हैं। परिजनों ने लापता दोनों का जल्द पता लगाने की मांग की है।