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Pilot Baba: 1978 में जमीन के दस फुट नीचे पायलट बाबा ने तीन दिन तक लगाई थी समाधि, बनाया गया था कमरानुमा गड्ढा

Wed, 21 Aug 2024 12:46 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 21 Aug 2024 12:46 PM IST
सार

पायलट बाबा पांच बार पिथौरागढ़ आए थे। वर्ष 1978 में जब वह पहली बार पिथौरागढ़ आए तब उन्होंने नगरपालिका स्थित रामलीला मैदान में समाधि लगाई थी। उनकी समाधि लगाने के लिए 10 फुट गहरा और इतना ही चौड़ा गड्ढा खोदा गया।

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Pilot Baba had meditated ten feet below the ground for three days in 1978 at pithoragarh
पायलट बाबा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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पायलट बाबा ने वर्ष 1978 में पिथौरागढ़ के रामलीला मैदान में जमीन के 10 फुट नीचे तीन दिन तक समाधि लगाई थी। तब उन्हें जमीन से बाहर निकलते देखने के लिए दूर दराज से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।

पायलट बाबा पांच बार पिथौरागढ़ आए थे। वर्ष 1978 में जब वह पहली बार पिथौरागढ़ आए तब उन्होंने नगरपालिका स्थित रामलीला मैदान में समाधि लगाई थी। उनकी समाधि लगाने के लिए 10 फुट गहरा और इतना ही चौड़ा गड्ढा खोदा गया। जब उन्होंने उस गड्ढे में प्रवेश किया तो ऊपर से लकड़ी के तख्ते डालकर उस पर मिट्टी बिछा दी गई। इस दौरान समाधि स्थल के बाहर उनके शिष्य और अनुयायी भजन कीर्तन करते रहे। वरिष्ठ पत्रकार बद्री दत्त कसनियाल बताते हैं कि भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर रहने के कारण उनकी पायलट बाबा के नाम की काफी चर्चा थी।

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उनके जमीन के नीचे समाधि लगाने की जानकारी जब लोगों को हुई तो पिथौरागढ़ के धारचूला से लेकर टनकपुर तक के लोग उन्हें देखने के लिए यहां पहुंचे। उस समय लोगों के लिए यह अपनी तरह की पहली घटना थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद था। तीसरे दिन जब वह भूमिगत समाधि से बाहर निकले तो अनुयायियों ने उनका पुष्पवर्षा से स्वागत किया। उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सीएमओ पूरी डाक्टरों की टीम के साथ मौके पर थे। डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर आराम की सलाह दी थी। पायलट बाबा के जमीन के नीचे तीन दिन तक समाधि लगाने की चर्चा वर्षों तक रही। वरिष्ठ पत्रकार कसनियाल बताते हैं कि पायलट बाबा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि आज भी हिमालय की कंदराओं में हजारों अदृश्य ऋषि मुनि तपस्या में लीन हैं। उनके तप से ही यह दुनिया टिकी है।
 

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 हिमालयन पीठाधीश्वर, हिमालयन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज बताते हैं कि पायलट बाबा का पिथौरागढ़ से काफी लगाव था। 1978 के बाद वे वर्ष 2006 से वर्ष 2008 तक लगातार चार वर्षों तक एशियन एकेडमी में आते रहे।

 

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