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किसानों की फसल रौंद रहे सुअर
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:17 PM IST
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बेल्सा गांव में सुअरों द्वारा नष्ट किए गए खेत
- फोटो : अमर उजाला
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बेल्सा, भैंसकोट, राया, बजेता, गुटी, क्वीटी, नापड़, खतेड़ा समेत कई गांवों में सुअरों ने किसानों की गेहूं, जौं, दलहन की फसल को बुरी तरह रौंद दिया है। सुअरों के आतंक से लोग परेशान हो गए हैं। कई बार शिकायत करने पर भी वन विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है। लोगों ने सुअरों के आतंक से निजात न मिलने पर वन विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बेल्सा के जय शंकर जोशी, त्रिभुवन जोशी, प्रकाश जोशी ने बताया कि सुअरों ने गांव के 11 परिवारों की 2 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई गेहूं, जौं, दलहन की फसल पूरी तरह चौपट कर दी है और खेतों को रौंद डाला है। खेतों में बीज तक नहीं रहने दिया है। सुअर केले के पेड़ों को भी उखाड़ दे रहे हैं। लोगों को खेती का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सुअरों के आतंक के कारण लोग खेती करने से तक कतराने लगे हैं।
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इन लोगों ने बताया कई बार वन विभाग के सामने सुअरों के आतंक का मामला उठाया गया है, लेकिन वन विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है। कहा कि बेल्सा के साथ ही भैंसकोट, राया, बजेता, गुटी, क्वीटी, नापड़, खतेड़ा आदि गांवों में सुअरों के साथ ही बंदर, लंगूरों का भी आतंक है। वन विभाग जंगली जानवरों से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता है तो इन गांवों के लोगों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। कहा कि हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने पर भी विचार किया जा रहा है।
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