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जल संस्थान के संविदा कर्मियों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 12 May 2017 10:56 PM IST
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पिथौरागढ़ में जल संस्थान कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते संविदा कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
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जल संस्थान के संविदा कर्मियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि शोषण बंद करने के लिए ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए और हर कर्मचारी को मानदेय की पूरी राशि का भुगतान किया जाए। आरोप है कि ठेकेदार हर कर्मचारी की मानदेय की राशि में से कटौती कर देता है। इसके अलावा महंगाई भत्ते की राशि का तीन दिन के भीतर भुगतान करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो वह टूलडाउन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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जल संस्थान दफ्तर में शुक्रवार सुबह भारी हंगामे का माहौल हो गया। उन्होंने अधिकारियों को भी खरीखोटी सुनाई। कहा कि कोई मांग की जाए तो अधिकारी उस समय तो ठेकेदार के आदमी बताकर पल्ला झाड़ देते हैं, लेकिन जब नगर की पेयजल सप्लाई में कोई दिक्कत आती है तो उस समय सारा काम संविदा कर्मचारियों से ही लिया जाता है। विभाग पर कर्मचारियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि अब ज्यादा दिन शोषण सहन नहीं होगा। कर्मचारियों के तेवरों को देख अधिकारी भी सकते में आ गए। यह बात अलग है कि इस समस्या का स्थानीय स्तर पर समाधान संभव नहीं है, क्योंकि ठेकेदारी प्रथा पूरे प्रदेश में शासन स्तर ही शुरू की गई है। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या की जानकारी शासन को देंगे।
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जल संस्थान संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुरेश चंद्र भट्ट और मंत्री अंबा दत्त पांडे के नेतृत्व में राजेंद्र लाल, दयाकिशन, रमेश चंद्र शर्मा, विशन कुमार, त्रिलोक चंद्र तिवारी, रमेश सिंह, देवीदत्त, गोकुल रौतेला, जगदीश विश्वकर्मा, दिनेश भट्ट, प्रकाश भट्ट, माधवानंद सुतेड़ी आदि ने प्रदर्शन किया।
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