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अन्य गांवों के लोग हर मदद को तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट
Updated Wed, 27 Jul 2016 10:32 PM IST
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बस्तड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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बस्तड़ी के लोगों की मजबूत इच्छाशक्ति और उनकी मुहिम में कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे अमर उजाला ने अब नया बस्तड़ी फिर से बसाने की कोशिश को नई ताकत दी है। बस्तड़ी के आसपास स्थित गांवों में रहने वाले व्यापक सोच के लोग चाहते हैं कि बस्तड़ी को फिर से जरूर बसाया जाना चाहिए। लोग इस काम में हरसंभव मदद को तैयार हैं।
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यह लोग तो यहां तक कहते हैं कि यदि सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन की जरूरत होगी तो वह उसके लिए भी तैयार हैं। बस्तड़ी की आपदा के बाद लोगों को किसी भी दशा में इलाका नहीं छोड़ना चाहिए। यदि यह प्रवृत्ति बढ़ेगी तो आने वाले समय में आपदाओं के कारण ही पलायन होने लगेगा। आपदाओं से सबक लिया जाए। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाए। उनके जीवनयापन के इंतजाम किए जाएं। इससे लोगों को सहारा मिलेगा।
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हम कोई भी मदद को तैयार
नारायणनगर निवासी दीपक कन्याल ने कहा कि बस्तड़ी के लोगों ने नया बस्तड़ी बसाने का जो संकल्प लिया है उसमें वह हर संभव मदद को तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि कोई गांव समाप्त होगा तो उसका असर अन्य गांवों पर भी पड़ेगा। यदि बस्तड़ी के लोग नया बस्तड़ी बसाते हैं तो यह सभी के लिए बड़ा संदेश होगा। आपदाओं से मुकाबला करने का यही सबसे अच्छा तरीका भी है।
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इस मुहिम को और ताकत दी जाए
नारायणनगर के पूर्व प्रधान महेंद्र राम का कहना है कि नया बस्तड़ी बसाने की मुहिम को और ताकत दी जाए। अमर उजाला के प्रयास की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों की आवाज को जिस तरह से अमर उजाला उठा रहा है उससे अन्य इलाके के लोग भी प्रेरित हो रहे हैं। बस्तड़ी के लोग जो मदद चाहेंगे, उसके लिए तैयार हैं।
अन्य पीड़ित बच्चों को भी देंगे प्रवेश
ओगला निवासी और अभिलाषा एकेडमी के प्रबंधक किशोर पंत का कहना है कि आपदा से पीड़ित तीन बच्चों को अपने विद्यालय में मुफ्त में प्रवेश दिलाया है, यदि किसी पीड़ित परिवार का बच्चा प्रवेश लेना चाहे तो उसकी भी मदद करेंगे। नया बस्तड़ी बसाया जाए। इसमें वह हरसंभव मदद को तैयार हैं। वह बस्तड़ी के लोगों के साहस की सराहना करते हैं।
आंदोलन के लिए तैयार
बस्तड़ी के पास सूनाकोट गांव निवासी भरत खोलिया का कहना है कि यदि नया बस्तड़ी बसाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना हो और आंदोलन की जरूरत हो तो वह इसके लिए तैयार हैं। बस्तड़ी के लोगों को अब अपने कदम पीछे नहीं खींचने चाहिए। यह कोशिश की जाए कि जल्द ही नया बस्तड़ी अस्तित्व में आ जाए। इसके लिए हम साथ हैं।