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अब टेंटों में नहीं रहना चाहते बस्तड़ी के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Fri, 19 Aug 2016 10:13 PM IST
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नया बस्तड़ी में लगाए गए टेंट
- फोटो : अमर उजाला
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नए बस्तड़ी में प्रशासन ने आईटीबीपी के सहयोग से आठ टेंट तो लगा दिए हैं, लेकिन लोग उनमें रहना नहीं चाहते। कुल 21 टेंट लगाने का प्रस्ताव था। फिलहाल टेंट लगाने का काम रोक दिया गया है। प्रभावितों का कहना है कि वह खुद तो टेंट में रह लेंगे, लेकिन जानवरों को कहां रखेंगे। अब प्रशासन ने लोगों से पक्के मकानों के लिए आवेदन मांगने शुरू कर दिए हैं। 30 परिवारों ने एसडीएम एसके पांडे को यह आवेदन पत्र सौंप दिया है। एसडीएम ने कहा कि लोगों के आवेदन पत्र डीएम के माध्यम से सरकार के पास भेजे जाएंगे।
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नए बस्तड़ी को ठुलखाली नामक स्थान पर बसाने के लिए जमीन का चयन किया गया है। वहां पर बिजली की लाइन बिछाने के लिए विद्युत विभाग ने 25 पोल पहुंचा दिए हैं। अधिशासी अभियंता सीएस बसनेत ने बताया कि बिजली की लाइन खींचने के लिए ठेकेदार को आदेश दिए जा चुके हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि नए बस्तड़ी में पानी की लाइन ननकुड़ी-चौंसाल पेयजल योजना से दी जाएगी।
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पानी की व्यवस्था जल्दी हो जाएगी। बस्तड़ी निवासी शंकर दत्त भट्ट ने कहा कि अब टेंटों में रह पाना संभव नहीं है। नया बस्तड़ी एकांत स्थान पर है। उसके नजदीक में जंगल है। जंगली जानवरों का खतरा भी रहेगा। ऐसे में पक्के मकानों का निर्माण किया जाना जरूरी है। प्रभावितों की समस्या का स्थायी समाधान पक्के मकान बनने के बाद ही होगा। फिलहाल लोग राहत कैंपों और रिश्तेदारों के यहां रुके हैं।
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