फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   People from Asyli who are making temporary bridges from Shramdan

श्रमदान से अस्थायी पुल बनाने में जुटे अस्याली के लोग 

Mon, 13 Nov 2017 11:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पिथौरागढ़।
ब्यूरो, अमर उजाला पिथौरागढ़। Updated Mon, 13 Nov 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
People from Asyli who are making temporary bridges from Shramdan
रामगंगा में अस्थायी पुल का निर्माण करते अस्याली के लोग। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
अस्याली गांव के लोग इस बार भी रामगंगा में अस्थायी पुल के निर्माण में जुट गए हैं। रामगंगा का जलस्तर कम होने पर हर साल इस गांव के लोगों द्वारा अस्थायी पुल का निर्माण किया जाता है। क्षेत्र के लोग पिछले 200 वर्षों से इसी प्रक्रिया को अपना रहे हैं लेकिन सरकार इस स्थान पर एक अदद झूलापुल का निर्माण नहीं कर पाई। यह अस्थायी पुल जून में नदी का जलस्तर बढ़ते ही फिर बह जाएगा। 
करीब 70 फुट लंबे इस अस्थायी पुल को बनाने के लिए सोमवार को गांव के लोग चार बड़े-बड़े लट्ठे लेकर पहुंचे हैं। इन लट्ठों को नदी में स्थित बड़े पत्थरों के सहारे अटकाया गया है। उसके बाद इन लट्ठों पर लकड़ी के तख्ते लगाए जाएंगे। दो तीन दिन में पुल बनकर तैयार हो जाएगा। इस काम में लोगों का कम से कम 45 हजार रुपये खर्च हो जाता है। हर साल उनको यह दंड भोगना पड़ता है। जून में पुल बहने के बाद स्कूली बच्चों और गांव के लोगों को थल बाजार आने के लिए पांच किमी दूर घटीगाड़ में स्थित झूलापुल तक जाना पड़ेगा।
विज्ञापन


अस्याली गांव के पास बनने वाले इस अस्थायी पुल से थल की दूरी सिर्फ एक किमी रह जाएगी। गांव के लोग पुल बनाने के बाद करीब 10 मीटर का पैदल रास्ता भी तैयार करेंगे। श्रमदान का नेतृत्व कर रहे सुरेश चंद रजवार ने बताया कि पता नहीं कब तक इस विडंबना को झेलना पड़ेगा। इस पुल के बन जाने पर अस्याली, ग्वीरा, बल्याऊं, ओखलिया, सिनतोलिया, कनात, कसाड़ी, चैला गांव के लोगों को भी आवागमन की सुविधा मिल जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार अस्थायी पुल के निर्माण का काम 15 दिन देरी से हो रहा है। पुल बनाने में राजेंद्र सामंत, किशन चंद, गिरधर सामंत, गोपाल सामंत, करन सामंत, गोविंद महरा, त्रिलोक चंद, गोविंद चंद, हेमंत सिंह आदि जुटे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन बार झूलापुल स्वीकृत पर बना नहीं 
थल। अस्याली के पास रामगंगा में झूलापुल की स्वीकृति तीन बार हो चुकी है। पहले स्वीकृत झूलापुल को नौलड़ा में बना दिया गया। फिर स्वीकृत हुआ झूलापुल घटीगाड़ में बन गया और तीसरी बार स्वीकृत झूलापुल को रूईना के पास बना दिया गया। अब चौथी बार झूलापुल मंजूर तो हुआ है लेकिन वह कब पूरा होगा कहा नहीं जा सकता। हर विधायक अस्याली में झूलापुल बनाने की घोषणा करते आए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed