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Pithoragarh News: अतिथि शिक्षक बनने से प्रशिक्षितों ने मुंह मोड़ा, बढ़ी शिक्षा विभाग की दिक्कत

Fri, 20 Sep 2024 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 20 Sep 2024 10:55 PM IST
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People face the problems.
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की तैनाती की योजना भी दम तोड़ रही है। प्रशिक्षित अतिथि शिक्षक बनने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इससे विभाग के साथ ही विद्यार्थियों की दिक्कत बढ़ गई है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि 275 पदों पर तैनाती के लिए दो बार हुई काउंसलिंग के बाद भी सिर्फ 91 प्रशिक्षित ही अतिथि शिक्षक बनने के लिए पहुंचे।
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सीमांत जिले के विद्यालय प्रवक्ताओं की कमी से जूझ रहे हैं। जिले में संचालित 128 इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के 343 पद रिक्त हैं। इन पदों पर स्थायी नियुक्ति के प्रयास तो नहीं हुए लेकिन 275 अतिथि शिक्षकों की तैनाती कर इस कमी को दूर करने की योजना तैयार हुई। विभाग को उम्मीद थी कि सिरदर्द बनी शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रशिक्षित अतिथि शिक्षक बनने आगे आएंगे, लेकिन इस उम्मीद पर पूरी तरह पानी फिर गया है। प्रशिक्षितों के अतिथि शिक्षक बनने से मुंह मोड़ने से 184 पदों पर शिक्षकों की तैनाती करना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। संवाद
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विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषय में सिर्फ 38 अतिथि शिक्षकों की तैनाती
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में सामान्य वर्ग के 125 और महिला वर्ग के 38 अतिथि शिक्षकों की तैनाती होनी है। इससे पूर्व गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय के 112 अतिथि शिक्षकों की तैनाती के लिए काउंसलिंग हुई। हैरानी है कि विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए सिर्फ 38 अतिथि शिक्षक ही विभाग को मिले हैं।
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सेवायोजन कार्यालय में चार हजार प्रशिक्षित पंजीकृत
पिथौरागढ़। जिले के सेवायोजन कार्यालय में चार हजार बीएड प्रशिक्षित पंजीकृत हैं। हैरानी है कि बढ़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षित अतिथि शिक्षक बनने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इससे विभाग को भी सोचने पर मजबूर हो गया है। प्रशिक्षितों के अनुसार विभागीय नियमों के मुताबिक अतिथि शिक्षक बनना उनके सुरक्षित भविष्य के लिए सही नहीं है। ऐसा इसलिए कि उनकी तैनाती के बाद भी इन पदों को रिक्त ही माना जाएगा। यदि भविष्य में उनके स्थान पर स्थायी नियुक्ति होगी तो उन्हें सेवा से बाहर होना पड़ेगा।

विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। दो बार काउंसलिंग के बाद 91 अतिथि शिक्षक ही मिले हैं। तीसरी काउंसलिंग जल्द होगी। निश्चित तौर पर प्रशिक्षित अतिथि शिक्षक बनने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। - हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़।
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