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हिमाचल प्रदेश के अजय रहे प्रथम
ब्यूराे/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 16 Mar 2016 10:43 PM IST
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पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता
- फोटो : अमर उजाला
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अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में रोमांच दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इवेंट के दूसरे दिन पायलटों ने बादलों से अठखेलियां की। लैंडिंग स्थल में कलाबाजी का प्रदर्शन कर लोगों को आश्चर्य में डाल दिया। दूसरे दिन भी हिमाचल प्रदेश के पायलट अजय कुमार अव्वल रहे। फ्रांस के येन मार्टिल, पैरी अलेक्जेंडर दूसरे, नेपाल के रौबिन गुरंग तीसरे स्थान पर रहे। बुधवार को सभी 60 पायलटों ने उड़ान भरी।
बुधवार सुबह हवा का रुख अनुकूल न होने के कारण उड़ान में विलंब हुआ। दोपहर करीब 12.30 बजे पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने हवा का रुख भांपने के लिए टेकऑफ किया। उन्होंने खांकर गांव में सेफ लैडिंग स्पॉट पर की। इसके बाद पैराग्लाइडिंग पायलटों ने टेकऑफ स्थल कनारी पाभें से उड़ान भरनी शुरू की। एक के बाद एक पहाड़ी से उतरते ग्लाइडर आसमान की ऊंचाई में जाने की कसरत में लगे। कई इसमें असफल रहे तो कई जल्दी ही नैैनीसैनी हवाई पट्टी में लैंड कर गए। करीब 35 ग्लाइडर काफी ऊंचाई तक उड़ान भरने में कामयाब रहे। कई ने बादलों की ऊंचाई तक उड़ान भरी। एक साथ काफी ग्लाइडरों की आसमानी खेल में कलाबाजी देख लोग दंग रह गए। हिमाचल प्रदेश के पायलट अजय कुमार का बुधवार भी कोई मुकाबला नहीं कर पाया। उन्होंने सबसे कम समय में टारगेट पूरा किया। वह मंगलवार को भी सबसे अव्वल रहे थे।
उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह, सदस्य राजू देवलाल ने बताया कि 3500 मीटर का टास्क था। आज कम समय में टारगेट को क्रास करना था और लैंडिंग करनी थी। उड़ान की रेंज पत्थरखानी-मढ़धूरा थी। क्रास प्वाइंट सिरकुच था। केएमवीएन के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया है कि लैंडिंग स्थल पर लोगों की सुविधा के लिए कैंटीन भी खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। आने वाले समय में पिथौरागढ़ में साहसिक खेलों के विकास में यह प्रतियोगिता सहायक सिद्ध होगी।
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बुधवार सुबह हवा का रुख अनुकूल न होने के कारण उड़ान में विलंब हुआ। दोपहर करीब 12.30 बजे पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह ने हवा का रुख भांपने के लिए टेकऑफ किया। उन्होंने खांकर गांव में सेफ लैडिंग स्पॉट पर की। इसके बाद पैराग्लाइडिंग पायलटों ने टेकऑफ स्थल कनारी पाभें से उड़ान भरनी शुरू की। एक के बाद एक पहाड़ी से उतरते ग्लाइडर आसमान की ऊंचाई में जाने की कसरत में लगे। कई इसमें असफल रहे तो कई जल्दी ही नैैनीसैनी हवाई पट्टी में लैंड कर गए। करीब 35 ग्लाइडर काफी ऊंचाई तक उड़ान भरने में कामयाब रहे। कई ने बादलों की ऊंचाई तक उड़ान भरी। एक साथ काफी ग्लाइडरों की आसमानी खेल में कलाबाजी देख लोग दंग रह गए। हिमाचल प्रदेश के पायलट अजय कुमार का बुधवार भी कोई मुकाबला नहीं कर पाया। उन्होंने सबसे कम समय में टारगेट पूरा किया। वह मंगलवार को भी सबसे अव्वल रहे थे।
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उत्तराखंड पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव शंकर सिंह, सदस्य राजू देवलाल ने बताया कि 3500 मीटर का टास्क था। आज कम समय में टारगेट को क्रास करना था और लैंडिंग करनी थी। उड़ान की रेंज पत्थरखानी-मढ़धूरा थी। क्रास प्वाइंट सिरकुच था। केएमवीएन के महाप्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया है कि लैंडिंग स्थल पर लोगों की सुविधा के लिए कैंटीन भी खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। आने वाले समय में पिथौरागढ़ में साहसिक खेलों के विकास में यह प्रतियोगिता सहायक सिद्ध होगी।
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