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पहले बन चुके भवनों पर नोटिस जारी करने से भड़के लोग
Mon, 13 May 2019 10:42 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 13 May 2019 10:42 PM IST
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते दौला के ग्रामीण।
- फोटो : पिथौरागढ़
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पूर्व में बन चुके भवनों को अवैध बताकर नोटिस जारी करने से लोग भड़क गए हैं। दौला क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और पूर्व में भवन निर्माण करा चुके भवन स्वामियों को छूट देने की मांग की।
सोमवार को दौला की सभासद भावना नगरकोटी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को विकास प्राधिकरण की कोई जानकारी नहीं है। जबकि, अधिकारियों की ओर से 22 दिसंबर 2017 से विकास प्राधिकरण लागू होने की बात कही जा रही है।
महिलाओं ने कहा कि जब दो साल पूर्व प्राधिकरण लागू हो गया था तो इसका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए था। लगातार भवनों का निर्माण कार्य जारी होने के बाद भी निरीक्षण तक नहीं किया गया। अब एक साथ 23 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि, सैकड़ों की संख्या में निर्माण कार्य चल रहा है। लोगों का कहना था कि यदि प्राधिकरण ने पूर्व में ध्यान दिया होता तो ग्रामीणों को रास्ते और नालियों की समस्या से नहीं जूझना पड़ता।
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महिलाओं ने पूर्व में भवनों का निर्माण करा चुके भवन स्वामियों को छूट देने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में महेश, श्याम सिंह, गिरधर सिंह, बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह, दीपा धामी, जया, चंद्रा, ममता, कमला, विमला, माधवी, बबीता, अनीता, दीपा, बसंती, गीता, सुनीता, शांती, भूपेश नगरकोटी, दिव्या, महेंद्र सिंह, किरन धामी, होशियार सिंह, दिवान सिंह, गणेश चंद, हीरा सिंह आदि शामिल थे।
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सोमवार को दौला की सभासद भावना नगरकोटी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचीं महिलाओं ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को विकास प्राधिकरण की कोई जानकारी नहीं है। जबकि, अधिकारियों की ओर से 22 दिसंबर 2017 से विकास प्राधिकरण लागू होने की बात कही जा रही है।
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महिलाओं ने कहा कि जब दो साल पूर्व प्राधिकरण लागू हो गया था तो इसका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए था। लगातार भवनों का निर्माण कार्य जारी होने के बाद भी निरीक्षण तक नहीं किया गया। अब एक साथ 23 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि, सैकड़ों की संख्या में निर्माण कार्य चल रहा है। लोगों का कहना था कि यदि प्राधिकरण ने पूर्व में ध्यान दिया होता तो ग्रामीणों को रास्ते और नालियों की समस्या से नहीं जूझना पड़ता।
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महिलाओं ने पूर्व में भवनों का निर्माण करा चुके भवन स्वामियों को छूट देने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में महेश, श्याम सिंह, गिरधर सिंह, बहादुर सिंह, नरेंद्र सिंह, दीपा धामी, जया, चंद्रा, ममता, कमला, विमला, माधवी, बबीता, अनीता, दीपा, बसंती, गीता, सुनीता, शांती, भूपेश नगरकोटी, दिव्या, महेंद्र सिंह, किरन धामी, होशियार सिंह, दिवान सिंह, गणेश चंद, हीरा सिंह आदि शामिल थे।