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बीबीए खुला अब एमबीए का इंतजार

Tue, 29 Dec 2015 06:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़। Updated Tue, 29 Dec 2015 06:37 PM IST
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एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इस वर्ष व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। बीबीए में सात विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है और कक्षाओं का संचालन होने लगा है। अब कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी चल रही है। नए शिक्षासत्र से एमबीए में भी प्रवेश हो जाएंगे। इसके अलावा कॉलेज में एमएड की कक्षाओं के संचालन के लिए पैनल ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। नेशनल काउंसिल आफ टीचर्स एजुकेशन जयपुर से अनुमति मिलने के बाद एमएड की कक्षाओं का संचालन भी होने लगेगा।
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कॉलेज में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में 2015 में बड़ी कोशिश हुई। प्राचार्य डा. डीएस पांगती ने बताया कि पैनल की स्वीकृति के बाद बीबीए की कक्षाओं का संचालन कर दिया गया है। कक्षाओं का संचालन थोड़ा देरी में हुआ इस कारण अभी विद्यार्थियों की संख्या कम है। अगले सत्र से छात्र संख्या बढ़ने की उम्मीद है। एमबीए की कक्षाओं के संचालन के लिए पैनल ने शिक्षकों और लैब की व्यवस्था करने की बाध्यता रखी है। एमबीए की कक्षाओं के संचालन के लिए कम से कम पांच शिक्षकों की जरूरत होगी। वह कहते हैं कि नए शिक्षासत्र से एमबीए की कक्षाओं का संचालन होने लगेगा।
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एमएड की स्वीकृति के साथ साथ शासन ने शिक्षकों की भी स्वीकृति दे दी है। सिर्फ नेशनल काउंसिल आफ टीचर्स एजुकेशन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से एमएड में भी प्रवेश होने लगेंगे और यहां के विद्यार्थियों को एमएड के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा।
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कॉलेज के पास भवन की समस्या

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. डीएस पांगती का कहना है कि सरकार व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को मंजूरी तो दे रही है लेकिन कॉलेज के पास भवन की भारी कमी है। कला तथा वाणिज्य संकाय की कक्षाओं का संचालन टिन शेडों में करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कालेज के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। यदि सरकार भवन के लिए धनराशि दे देती तो जमीन की कोई कमी नहीं है। वह कहते हैं कि अब ढांचागत सुविधाओं के विस्तार की जरूरत है। वह कहते हैं कि भवन बन जाने पर सारे पाठ्यक्रमों का संचालन आसानी से हो जाता।

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