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उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग में जाने वाले पर्यटकों को किया जाएगा ट्रेक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 11:15 PM IST
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Online Application For Innerline Permit
धारचूला (पिथौरागढ़)। बीआरओ के व्यास घाटी को जाने वाली सड़क के खोलने के बाद एसडीएम ने इनरलाइन पास जारी करने शुरू कर दिए है। अब पर्यटकों को ऑफलाइन इनरलाइन परमिट नहीं मिलेंगे। उन्होंने इनरलाइन परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पर्यटकों से एक पर्यटक स्थल का 100 रुपये शुल्क भी लिया जाएगा।
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स्थानीय प्रशासन ने शनिवार से ऑफलाइन परमिट देना बंद कर दिया है। डीएम डॉ. आशीष चौहान के आदेश के बाद अब पर्यटकों ऑनलाइन आवेदन करने वाले पर्यटकों को ही इनरलाइन परमिट मिलेंगे। साथ ही पर्यटकों को एक पर्यटक स्थल का 100 रुपये शुल्क भी देना होगा। बीआरओ के मलघाट के पास सड़क खोलने के बाद एसडीएम नंदन कुमार ने 148 इनरलाइन पास जारी किए। इसके बाद पिछले छह दिनों से परमिट का इंतजार कर रहे आदि कैलाश यात्रियों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली। कुमाऊं मंडल विकास निगम के 25 आदि कैलाश यात्री और अन्य 123 अन्य पर्यटक परमिट मिलने के यात्री वाहनों से धारचूला से गुंजी की ओर रवाना हो गए हैं। अभी तक प्रशासन 97ऑनलाइन इनरलाइन परमिट और 4349 ऑफलाइन इनरलाइन परमिट जारी कर चुका है। एसडीएम नंदन कुमार ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद सिर्फ ऑनलाइन इनरलाइन पास जारी किए जाएंगे और पर्यटकों से एक पर्यटक स्थल का 100 रुपये शुल्क भी लिया जाएगा।
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ट्रैकरों को एप से करना होगा अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को एप के माध्यम से ट्रैस किया जाएगा जिसका मुख्य उद्देश्य ट्रैकर के रास्ता भटकने, दुर्घटना होने पर पता लगाकर उस तक मदद पहुंचाना है। जिला प्रशासन जल्द इस एप का ट्रायल करेगा। ट्रायल के सफल होने के बाद सीएम के पिथौरागढ़ आने पर एप का शुभारंभ किया जाएगा।
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पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने वाले ट्रैकरों के लिए ट्रैकर रजिस्ट्रेशन एप बनाया है। इस एप में ट्रैकर का पंजीकरण होने के बाद प्रशासन उसकी लोकेशन का आसानी से पता लगा सकता है। एप बनाने का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में ट्रैकर तक मदद पहुंचाना है। कुछ समय पूर्व मुनस्यारी से खलियाटॉप ट्रैकिंग पर गए पर्यटक रास्ता भटकने से लापता हो गए थे जिसके बाद जिला प्रशासन को उन्हें ढूंढने में तीन दिन लग गए। अन्य दो पर्यटक भी रास्ता भटककर पहाड़ी के बीचों-बीच फंस गए थे, इन्हें ढूंढने में भी दो दिन का समय लग गया था। टूरिस्ट ट्रैकर एप में एक बार पंजीकरण होने पर जिला प्रशासन किसी भी ट्रैकर की सही लोकेशन निकालकर उन्हें तत्काल मदद पहुंचा सकता है। जिला प्रशासन जल्द इस एप का ट्रायल करेगा। ट्रायल सफल होने के बाद सीएम के पिथौरागढ़ आने पर इस एप का शुभारंभ किया जाएगा।

ट्रैकरों की सुविधा के लिए ट्रैकर टूरिस्ट रजिस्ट्रेशन एप बनाया गया है जिसका जल्द ट्रायल होगा। एप में ट्रैकर को रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। एप बनाने का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में ट्रैकर तक मदद पहुंचाना है। खलिया ट्रैकिंग रूट पर तीन टेलीफोन बूथ और दारमा, व्यास, चौदास घाटी में भी टेलीफोन बूथ, सीसीटीवी और साइनेज लगाए जाएंगे। - डॉ. आशीष चौहान, डीएम, पिथौरागढ़।
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