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बस्तड़ी में मलबे से एक शव बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Sun, 03 Jul 2016 11:01 PM IST
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खोजी कुत्तों की मदद से खोजबीन अभियान चलाती एनडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित बस्तड़ी गांव में मलबे में दबे लोगों की खोजबीन में लगी सेना, आईटीबीपी और पुलिस के जवानों ने रविवार को जगदीश भट्ट (50) पुत्र नारायण भट्ट का शव बरामद किया। यह शव मुख्य स्थान से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर मिला। अब खोजबीन का काम मुख्य मकानों के पास से हटाकर तीन किलोमीटर के दायरे में फैला दिया है।
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रविवार को दोपहर बाद लेखराज मीणा के नेतृत्व में एनडीआरएफ के जवानों की टीम खोजी कुत्तों के साथ यहां पहुंची। अलबत्ता आठवीं असम रायफल्स के कर्नल जे चौधरी और आईटीबीपी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप के नेतृत्व में खोजबीन का काम जारी है। सेना के 100 और आईटीबीपी के 140 जवान लगातार खोजबीन में लगे हैं। रविवार को मौसम लगभग सामान्य रहने से खोजबीन के काम में तेजी आई, लेकिन मलबा इतना ज्यादा पटा है कि दबे लोगों की तलाश कर पाना संभव नहीं हो रहा है। काफी गहराई तक खुदाई की जा रही है। अस्कोट के थाना प्रभारी दीपक बिष्ट ने रविवार को मिले शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया।
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जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि मलबे में अभी 12 लोग दबे हैं। उनकी खोजबीन के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि कोशिश की जाएगी कि मलबे से अधिक से अधिक लोगों को निकाला जाए। बस्तड़ी, पत्थरकोट और चर्मा से अब तक कुल 9 शव बरामद कर लिए गए हैं।
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बस्तड़ी, पत्थरकोट, चर्मा से अब तक मिले शव
1 गिरीश चंद्र पुत्र गोपाल चंद्र
2 माधवानंद पुत्र मोतीराम
3 रेवाधर पुत्र कृष्णानंद
4 चंद्रबल्लभ पुत्र जयदत्त
5 रवींद्र भट्ट पुत्र चंद्रबल्लभ
6 दीपा पत्नी चंद्रबल्लभ
7 जगदीश चंद्र पुत्र नारायण दत्त
8 जहद सिंह पुत्र मदन सिंह
9 चर्मा मंदिर के श्याम बाबा
अन्य कारणों से मृत घोषित
1 राम दत्त पुत्र फकीर दत्त निवासी बस्तड़ी (आत्महत्या)
2 तारेश द्विवेदी पुत्र भुवन चंद्र निवासी क्वीटी (सड़क हादसा)
बस्तड़ी गांव के लापता
1 रमुली देवी पत्नी हरीदत्त
2 सरस्वती देवी पत्नी हरीदत्त
3 रिया पुत्री चंद्रबल्लभ
4 कृष्णानंद पुत्र डिगरदेव
5 खुशी पुत्री कृष्णानंद
6 आर्यन पुत्र कृष्णानंद
7 जीवन पुत्र चंद्रबल्लभ
8 शेखर भट्ट पुत्र दामोदर
9 चंद्रकला पुत्री शेखर भट्ट
10 इंदु देवी पत्नी जगदीश चंद्र
11 गौरव पुत्र मोहन चंद्र
12 माया दत्त पुत्र मुरलीधर
आपदा की भेंट चढ़े 160 जानवर
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार हाल की आपदा में 160 पालतू जानवर मारे गए हैं। बस्तड़ी में 38 परिवार, पत्थरकोट में सात परिवार, उड़मा में 80 परिवार, कुमालगौन में 13 परिवार और डीडीहाट तहसील क्षेत्र के अन्य गांवों में मिलाकर कुल 22 परिवार प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन कार्यालय ने यह सूची राज्य सरकार को भी भेज दी है।
सूचना जुटाने में आपदा प्रबंधन विभाग विफल
पिथौरागढ़। आपदा प्रबंधन विभाग आपदाग्रस्त इलाकों से सूचना एकत्र करने में कितना तत्पर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार अपरान्ह 3.13 बजे आपदा प्रबंधन विभाग ने एक मेल जारी कर कहा था कि बस्तड़ी में दो शव मिले हैं, लेकिन शाम 6 बजे सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में सिर्फ एक शव मिलने की जानकारी दी गई। बस्तड़ी में मौके पर मौजूद डीडीहाट के तहसीलदार पीसी पंत और अस्कोट के थाना प्रभारी दीपक बिष्ट ने भी सिर्फ एक शव मिलने की पुष्टि की। एक ही शव का रविवार को पोस्टमार्टम भी हुआ। बताया गया कि कुछ लोगों ने बस्तड़ी से चार किलोमीटर दूर अमकोट के पास एक कटा हुआ हाथ होने की जानकारी दी। राहत कार्य में लगे सुरक्षा बलों ने मौके पर जाकर देखा तो वहां पर ऐसा कुछ नहीं मिला।