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Uttarakhand : बर्फ पिघलने से ओम पर्वत से गायब हुआ ॐ, अब रह गया बस काला पहाड़

Mon, 26 Aug 2024 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा शालू दताल, संवाद
शालू दताल, संवाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 26 Aug 2024 05:51 AM IST
सार

अब यहां महज काला पहाड़ नजर आ रहा है। पर्यावरणविद और स्थानीय लोग वैश्विक तापमान में वृद्धि और उच्च हिमालयी क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों को इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं।

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Om disappeared from the mountain due to melting of snow.
अब ऐसा है ओम पर्वत...

विस्तार

बर्फ पिघलने से विश्व प्रसिद्ध ओम पर्वत से ॐ गायब हो गया है। अब यहां महज काला पहाड़ नजर आ रहा है। पर्यावरणविद और स्थानीय लोग वैश्विक तापमान में वृद्धि और उच्च हिमालयी क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों को इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। पिछले दिनों प्रवास पर मूल गांव गुंजी गईं उर्मिला सनवाल गुंज्याल ने बताया कि वह 16 अगस्त 2024 को ओम पर्वत के दर्शन के लिए गईं थीं। जब वह फोटो खींचने के लिए नाभीढांग गईं तो उन्हें ओम पर्वत पर बर्फ नजर नहीं आई।

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  • पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील की व्यास घाटी में स्थित ओम पर्वत 5,900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित नाभीढांग से ओम पर्वत के दर्शन होते हैं। 
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एक दशक पूर्व तक ओम पर्वत और इसके आसपास की पहाड़ियां वर्ष भर बर्फ से लकदक रहती थीं। वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण अब उच्च हिमालयी क्षेत्र की बर्फ भी तेजी से पिघलने लगी है। हाल के वर्षों में शीतकाल में कम हिमपात के कारण तापमान बढ़ते ही हिमनदों की बर्फ पिघलने लगती है। इस वर्ष ओम पर्वत की बर्फ पिघलने से ओम गायब हो गया है।

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पिछले दिनों प्रवास पर मूल गांव गुंजी गईं उर्मिला सनवाल गुंज्याल ने बताया कि वह 16 अगस्त 2024 को ओम पर्वत के दर्शन के लिए गई थीं। जब वह फोटो खींचने के लिए नाभीढांग गईं तो उन्हें ओम पर्वत पर बर्फ नजर नहीं आई। गुंजी से धारचूला लौटी उर्मिला ने बताया कि ओम पर्वत पूरी तरह से बर्फ विहीन हो गया है। ओम पर्वत काला पहाड़ जैसा नजर आ रहा है। उन्होंने इस पर चिंता जताते हुए सरकार से विशेषज्ञों की टीम भेजकर दारमा और व्यास घाटी में हो रहे जलवायु परिवर्तन पर शोध कर बचाव के उपाय खोजने की मांग की है।
 

Om disappeared from the mountain due to melting of snow.
मई-जून 2023 में उर्मिला सनवाल गुंज्याल के द्वारा खींची गई फोटो
2016 में भी लगभग बर्फ विहीन हो गया था ओम पर्वत
पिथौरागढ़। आस्था का केंद्र ओम पर्वत वर्ष 2016 में भी सितंबर माह में लगभग बर्फ विहीन हो गया था। तब ओम पर्वत पर बर्फ के केवल तीन चार सफेद धब्बे नजर आ रहे थे। इस वर्ष वहां पर बर्फ का नामोनिशान नहीं है।
 

Om disappeared from the mountain due to melting of snow.
उर्मिला सनवाल गुंज्याल के द्वारा 16 अगस्त की शाम को खींची गई फोटो
ओम पर्वत जिसे गुंज्याल लोग लिन लिन ती ये और इससे निकलने वाली नदी को लिनलिनती यांगती कहते हैं। नीचे स्थित चरागाह को लिनलिनती ग्वार (चारागाह) कहते हैं जहां पशुओं को चराया जाता है। ओम पर्वत में अगस्त तक बर्फ कम जरूर होती थी लेकिन पूरा पर्वत बर्फ विहीन हो गया हो यह पहली बार सुना जा रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य हो रहे हैं। क्रशर वहां पर लगाया गया है। हिमालय तक डामर युक्त सड़क बन चुकी है। जून में वहां पर घाटी क्षेत्र जैसी गर्मी थी।
- गोविंद सिंह गुंज्याल (लमा जी), स्थानीय शिक्षक

जलवायु परिवर्तन का असर हमारे उच्च हिमालय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम से बर्फबारी में भारी कमी आई है। वाहनों से हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। वातावरण के प्रदूषित होने से ब्लैक कार्बन के कारण बर्फ तेजी से पिघल रही है। पहाड़, पर्यावरण, वनस्पति और और ग्लेशियर्स को बचाने के लिए सामूहिक कदम उठाने की जरूरत है।
- योगेश गर्ब्याल, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही
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