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अब मैं बालिग हो गई हूं, मुझे रोके न कोई मैं चली...
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 11 Mar 2015 11:39 PM IST
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उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा देने के लिए रिश्तेदार के घर गई छात्रा प्रेमी के साथ फरार हो गई। छात्रा ने बुधवार को हिंदी का पेपर नहीं दिया। खास बात यह है कि छात्रा ने 11 मार्च को ही 18 वर्ष की आयु पूरी की है। और यही बात रिश्तेदारों को सुनाकर चली गई।
राजकीय हाईस्कूल होकरा (मुनस्यारी) का उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के लिए सेंटर जीआईसी तेजम बना है। बुधवार को हाईस्कूल हिंदी विषय का पेपर था। होकरा की एक छात्रा परीक्षा देने के लिए मंगलवार को ही तेजम में अपने किसी रिश्तेदार के घर आ गई थी। यहां पहुंचने के बाद छात्रा मंगलवार शाम को ही प्रेमी के साथ फरार हो गई। प्रेमी के साथ जाते-जाते छात्रा रिश्तेदारों से कह गई कि वह अब 18 साल की हो गई है। इसलिए अब वह अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने की हकदार है। रिश्तेदारों ने उसके जाने के तत्काल बाद परिजनों को सूचना भेजी।
बुधवार को हिंदी का पेपर हुआ, लेकिन यह छात्रा परीक्षा देने नहीं पहुंची। जीआईसी तेजम के प्रधानाचार्य और केंद्र प्रभारी भवान राम ने बताया कि दस्तावेज जांचने के बाद पता चला है कि फरार छात्रा ने 11 मार्च को ही 18 वर्ष पूरे किए हैं। केंद्र प्रभारी ने बताया कि बुधवार को हाईस्कूल के 82 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। एकमात्र यही छात्रा परीक्षा में अनुपस्थित रही। समाचार लिखे जाने तक परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी।
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राजकीय हाईस्कूल होकरा (मुनस्यारी) का उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के लिए सेंटर जीआईसी तेजम बना है। बुधवार को हाईस्कूल हिंदी विषय का पेपर था। होकरा की एक छात्रा परीक्षा देने के लिए मंगलवार को ही तेजम में अपने किसी रिश्तेदार के घर आ गई थी। यहां पहुंचने के बाद छात्रा मंगलवार शाम को ही प्रेमी के साथ फरार हो गई। प्रेमी के साथ जाते-जाते छात्रा रिश्तेदारों से कह गई कि वह अब 18 साल की हो गई है। इसलिए अब वह अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने की हकदार है। रिश्तेदारों ने उसके जाने के तत्काल बाद परिजनों को सूचना भेजी।
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बुधवार को हिंदी का पेपर हुआ, लेकिन यह छात्रा परीक्षा देने नहीं पहुंची। जीआईसी तेजम के प्रधानाचार्य और केंद्र प्रभारी भवान राम ने बताया कि दस्तावेज जांचने के बाद पता चला है कि फरार छात्रा ने 11 मार्च को ही 18 वर्ष पूरे किए हैं। केंद्र प्रभारी ने बताया कि बुधवार को हाईस्कूल के 82 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। एकमात्र यही छात्रा परीक्षा में अनुपस्थित रही। समाचार लिखे जाने तक परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी।
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