{"_id":"599f08da4f1c1bbb448b458d","slug":"nothing-explored","type":"story","status":"publish","title_hn":"खोजबीन में कुछ नहीं हाथ लगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खोजबीन में कुछ नहीं हाथ लगा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 24 Aug 2017 10:41 PM IST
विज्ञापन
धारचूला में महाकाली के किनारे लापता लोगों की खोजबीन करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
मालपा, मांगती में लापता लोगों की बृहस्पतिवार को भी खोजबीन की गई। इस बीच गुंजी और बूंदी से धारचूला तक 98 लोगों को हेलीकॉप्टर से लाया ले जाया गया। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कहा कि खोजबीन का काम चलता रहेगा। 13 अगस्त की देर रात बादल फटने से हुई भूस्खलन की घटना में मालपा में 16, मांगती में 8 कुल समेत 24 लोग लापता हैं।
विज्ञापन
एमडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र में खोजबीन की। डॉग स्क्वॉयड की टीम भी खोजबीन में जुटी रही। महाकाली नदी के किनारे एसएसबी, पुलिस ने खोजबीन की। नेपाल पुलिस ने भी खोजबीन में सहयोग दिया, लेकिन लापता लोगों का कोई पता नहीं चला है। सोमवार को ऐलागाड़ और दोबाट के मध्य मिले शव की शिनाख्त नहीं हुई है। डीएनए सैंपल लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। धारचूला में मौजूद जिलाधिकारी सी रविशंकर ने राहत, पुनर्वास, खोजबीन के काम की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मालपा, नजंगगाड़ में पैदल रास्तों, पुल का निर्माण किया जा रहा है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता दे दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन किया जा रहा है। आकलन होते ही प्रभावितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि लापता लोगों की खोजबीन का काम जारी रहेगा। सरकार और प्रशासन प्राथमिकता से आपदा प्रभावितों की मदद में जुटे हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पानी, बिजली, सड़क बहाली का काम किया जा रहा है। कई स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी और बिजली की आपूर्ति जा रही है। सरकारी संपत्ति के नुकसान का भी आकलन कराया जा रहा है। विभागों को भी क्षतिपूर्ति के लिए धन दिया जाएगा।
विज्ञापन