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सीएचसी गणाई में नर्सिंग अधिकारी तैनात करने की मांग
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सीएचसी मुनस्यारी।
- फोटो : PITHORAGARH
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गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। सीएचसी गणाई गंगोली में स्थायी नर्सिंग अधिकारी न होने से रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी में गंगोलीहाट अस्पताल से नर्सिंग अधिकारी की ड्यूटी एक-एक हफ्ते के लिए लगाई जाती है। इस कारण कई बार मरीजों के उपचार में समस्या आती है। स्थिति यह है कि सीएचसी में नर्सिंग अधिकारी के चार पद स्वीकृत हैं लेकिन तैनाती एक भी पद पर नहीं है। बड़ी दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार करना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्र के लोगों ने शासन-प्रशासन से सीएचसी में स्थायी नर्सिंग अधिकारी की तैनाती करने की मांग की है।
सीएचसी मुनस्यारी में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए 130 किमी दूर जिला चिकित्सालय में जाना पड़ रहा है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। आपदा की दृष्टि से क्षेत्र संवेदनशील है। क्षेत्र में लगातार आपदा की घटनाओं के कारण कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो जाते हैं। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई लोगों की मृत्यु तक हो जाती है।
सीएचसी मुनस्यारी सीमांत का एक मात्र ऐसा चिकित्सालय है, जहां पर रोजाना एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल पर नगर के साथ ही आसपास के क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी निर्भर है। सीएचसी में दो महिला और तीन पुरुष चिकित्सक हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से अक्सर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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यहां अल्ट्रासाउंड भी नहीं होते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए पिथौरागढ़ जाना मजबूरी है। हालांकि सीएचसी 2014 से 2018 तक पीपीपी मोड में संचालित थी, तब शील नर्सिंगहोम बरेली इसका संचालन करता था। उस वक्त विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैनात थे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आपदा के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती जल्द की जाए।
बोले लोग
मुनस्यारी सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनात के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की जाएगी। आपदा क्षेत्र होने के चलते यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सक की खासी जरूरत है।
भरत सिंह चुफाल, भाजपा महामंत्री, तल्ला जोहार।
सरकार को इस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही स्पोर्टिंग स्टाफ की भी तैनाती करनी चाहिए। आपदा क्षेत्र होने के चलते सरकार को यहां पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
जगत मर्तोलिया, जिला पंचायत सदस्य, सरमोली।
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सीएचसी मुनस्यारी में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए 130 किमी दूर जिला चिकित्सालय में जाना पड़ रहा है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। आपदा की दृष्टि से क्षेत्र संवेदनशील है। क्षेत्र में लगातार आपदा की घटनाओं के कारण कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो जाते हैं। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई लोगों की मृत्यु तक हो जाती है।
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सीएचसी मुनस्यारी सीमांत का एक मात्र ऐसा चिकित्सालय है, जहां पर रोजाना एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल पर नगर के साथ ही आसपास के क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी निर्भर है। सीएचसी में दो महिला और तीन पुरुष चिकित्सक हैं लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से अक्सर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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यहां अल्ट्रासाउंड भी नहीं होते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए पिथौरागढ़ जाना मजबूरी है। हालांकि सीएचसी 2014 से 2018 तक पीपीपी मोड में संचालित थी, तब शील नर्सिंगहोम बरेली इसका संचालन करता था। उस वक्त विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैनात थे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आपदा के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती जल्द की जाए।
बोले लोग
मुनस्यारी सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनात के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की जाएगी। आपदा क्षेत्र होने के चलते यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सक की खासी जरूरत है।
भरत सिंह चुफाल, भाजपा महामंत्री, तल्ला जोहार।
सरकार को इस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही स्पोर्टिंग स्टाफ की भी तैनाती करनी चाहिए। आपदा क्षेत्र होने के चलते सरकार को यहां पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
जगत मर्तोलिया, जिला पंचायत सदस्य, सरमोली।