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मड़कनाली-सुरखालपाठक सड़क की मांग के लिए आंदोलन की रूपरेखा तय
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। ग्रामीणों ने मड़कनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क निर्माण की मांग की है। गानुरा गांव में रविवार को ललित सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन की रूपरेखा तय की गई।
वक्ताओं ने कहा कि सड़क न बनने से सुरखाल पाठक, चमलेख सहित अन्य गांवों की हजारों की आबादी को 10 किमी तक पैदल चलना पड़ता है।
सड़क निर्माण संघर्ष समिति के लिए गठित कार्यकारिणी में ललित सिंह बिष्ट अध्यक्ष, विक्रम बिष्ट उपाध्यक्ष, केदार सिंह कोषाध्यक्ष, पुष्कर सिंह सचिव, पंकज भंडारी, मदन सिंह, गोपाल सिंह, पुष्कर सिंह, नारायण सिंह, भगवान सिंह, महिपाल सिंह, सागर सिंह सदस्य बने।
संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि कोविड नियमों का पालन कर पांच जुलाई को चामुंडा गेट से तहसील प्रांगण तक जुलूस निकालकर विरोध, प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में ग्राम प्रधान गानुरा भावना देवी, गोपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम, पुष्कर सिंह, ललित बिट, ठाकुर सिंह, हरीश बिष्ट, सूरज बिष्ट आदि थे।
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गांव के लिए सड़क न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। शासन को शीघ्र सड़क निर्माण की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को सुविधा देनी चाहिए। अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है।
- ललित सिंह
कई प्रयास करने के बावजूद हमारा गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। वर्षों से पूरे क्षेत्र की जनता मांग उठा रही है। इसके बाद भी ग्रामीणों को यातायात सुविधा नहीं मिल पाई है।
- लाल सिंह
सड़क न होने से पैदल ही गंगोलीहाट जाना पड़ता है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। किसी के बीमार होने पर डोली में रखकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
- कमला देवी
ग्रामीणों को किसी न किसी काम से गंगोलीहाट जाना पड़ता है। ऐसे में अधिकतर समय पैदल आने-जाने में ही बीत जाता है। सड़क न होने से बुजुर्ग और बच्चों को परेशानी होती है।
- जानकी देवी
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वक्ताओं ने कहा कि सड़क न बनने से सुरखाल पाठक, चमलेख सहित अन्य गांवों की हजारों की आबादी को 10 किमी तक पैदल चलना पड़ता है।
सड़क निर्माण संघर्ष समिति के लिए गठित कार्यकारिणी में ललित सिंह बिष्ट अध्यक्ष, विक्रम बिष्ट उपाध्यक्ष, केदार सिंह कोषाध्यक्ष, पुष्कर सिंह सचिव, पंकज भंडारी, मदन सिंह, गोपाल सिंह, पुष्कर सिंह, नारायण सिंह, भगवान सिंह, महिपाल सिंह, सागर सिंह सदस्य बने।
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संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि कोविड नियमों का पालन कर पांच जुलाई को चामुंडा गेट से तहसील प्रांगण तक जुलूस निकालकर विरोध, प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में ग्राम प्रधान गानुरा भावना देवी, गोपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य कल्याण राम, पुष्कर सिंह, ललित बिट, ठाकुर सिंह, हरीश बिष्ट, सूरज बिष्ट आदि थे।
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गांव के लिए सड़क न होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। शासन को शीघ्र सड़क निर्माण की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को सुविधा देनी चाहिए। अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प है।
- ललित सिंह
कई प्रयास करने के बावजूद हमारा गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। वर्षों से पूरे क्षेत्र की जनता मांग उठा रही है। इसके बाद भी ग्रामीणों को यातायात सुविधा नहीं मिल पाई है।
- लाल सिंह
सड़क न होने से पैदल ही गंगोलीहाट जाना पड़ता है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। किसी के बीमार होने पर डोली में रखकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
- कमला देवी
ग्रामीणों को किसी न किसी काम से गंगोलीहाट जाना पड़ता है। ऐसे में अधिकतर समय पैदल आने-जाने में ही बीत जाता है। सड़क न होने से बुजुर्ग और बच्चों को परेशानी होती है।
- जानकी देवी