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पेयजल मंत्री की विधानसभा में 800 रुपये में बिक रहा है दो हजार लीटर पानी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 11:47 PM IST
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No More Water in Didihat
डीडीहाट में टैंकरों से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़/डीडीहाट। सीमांत जिले में गर्मी बढ़ते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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आलम ये है कि पेयजल मंत्री के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में लोग 800 रुपये में दो हजार लीटर पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं। हालांकि डीडीहाट में थल से रामगंगा नदी का पानी पहुंच गया है।
पेयजल निगम 11 वर्षों से बन रही पेयजल योजना की सफाई सहित कई अन्य कार्य कर रहा है। अभी दो से तीन हफ्ते बाद डीडीहाट के लोगों को योजना से पानी मिलने की उम्मीद है।
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अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को जिले में पेयजल संबंधी पड़ताल की। इस दौरान डीडीहाट में बताया गया कि नगर पालिका क्षेत्र के सातों वार्डों में पेयजल की काफी दिक्कतें हैं।
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इनके नाम आंबेडकर वार्ड, तहसील, सुभाष, जीआईसी, शिमला, शिवमंदिर और पोस्ट ऑफिस वार्ड हैं। नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान ने एक टैंकर और दो पिकअप पानी की आपूर्ति के लिए लगाए हैं लेकिन ये भी पेयजल संकट को दूर नहीं कर पा रहे हैं।
डीडीहाट की पालिका अध्यक्ष कमला चुफाल, कांग्रेस नेता प्रदीप पाल और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन भंडारी अपने संसाधनों से पेयजल की आपूर्ति करा रहे हैं। इससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिल पा रही है। सड़क से सटे वार्डों में तो आसानी से लोगों को पेयजल मिल जा रहा है, लेकिन सड़क से दूरी पर स्थित स्थानों पर पेयजल की काफी कमी है।
डीडीहाट के प्राइमरी स्कूल मोहल्ला सड़क से करीब 300 मीटर दूर है। इस कारण वहां टैंकर नहीं पहुंच पाते हैं। वहां के लोग जब तक पानी के लिए बर्तन लेकर सड़क पर आते हैं, तब तक पानी खत्म हो जाता है।
ये लोग 800 रुपये में दो हजार लीटर पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं। पिकअप से पानी सड़क तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद बर्तनों के सहारे लोग घरों तक पानी पहुंचाते हैं।
डीडीहाट नगर में रोजाना 0.65 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, लेकिन लोगों को सिर्फ 0.6 एमएलडी पानी ही मिल पा रहा है। लोगों ने व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
जंगल की आग से सूखे पेयजल स्रोत
पिथौरागढ़। जंगलों की आग से प्राकृतिक जलस्रोतों पर काफी असर पड़ा है। डीडीहाट के लिए भनड़ा चिरकटिया के जंगल से पेयजल की आपूर्ति की जाती है, लेकिन आग के कारण तीन स्रोत सूख गए हैं। इससे पेयजल व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
पिथौरागढ़ नगर में भी पेयजल संकट से लोग हैं परेशान
पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में भी लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। बावजूद इसके व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जा रहा है। नगर को प्रतिदिन 12 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन सिर्फ छह एमएलडी पानी ही लोगों को मिल पा रहा है।
इससे टकाना, सिनेमा लाइन, बस्ते बिण, जगदंबा कॉलोनी, खड़कोट आदि स्थानों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। युकां जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर और युकां प्रदेश प्रवक्ता दीपक तिवारी ने व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।

जल निगम को थल-डीडीहाट पेयजल योजना का पानी लोगों तक जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जल संस्थान को भी टैंकरों और अन्य माध्यमों से पेयजल की आपूर्ति के निर्देश हैं। शीघ्र ही डीडीहाट के लोगों को पेयजल संकट से निजात मिलेगी। आगामी कुछ हफ्तों में लोगों को थल-डीडीहाट पेयजल योजना से पानी मिलने लगेगा।
- बिशन सिंह चुफाल, पेयजल मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
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