डीडीहाट (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड बनने के बाद सीमांत की डीडीहाट तहसील क्षेत्र विकास की गति नहीं पकड़ सका है। उत्तर प्रदेश के समय डीडीहाट के स्टेशनों से दिल्ली, बरेली और टनकपुर के लिए सीधी बस सेवा का संचालन होता था लेकिन उत्तराखंड गठन के बाद से तीनों बसों का संचालन बंद हो गया। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इससे परेशान लोगों को दिल्ली, बरेली, टनकपुर आदि स्थानों की यात्रा के लिए वाहन बदल कर आना-जाना पड़ता है।
डीडीहाट तहसील का गठन वर्ष 1972 में किया गया। तहसील गठन के 10 साल बाद से ही डीडीहाट दिल्ली, बरेली, टनकपुर के लिए रोडवेज की सीधी बसों का संचालन होता था। इसका लाभ 30-35 लोगों को रोज मिलता था लेकिन राज्य गठन के बाद पहले बरेली की बस सेवा बंद कर दी गई। कुछ साल बाद डीडीहाट-दिल्ली बस सेवा भी बाधित हो गई। चुनावी साल के दौरान यहां से एक दो माह के लिए दिल्ली के लिए लोहाघाट डिपो की बस चलाई जाती है लेकिन चुनाव खत्म होते ही फिर से यह बसें यहां से हटा दी जाती हैं। डीडीहाट विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारी आरएस चौहान, डीएस पांगती ने कहा कि अब दिल्ली और बरेली जाने के लिए घंटों तक धारचूला से आने वाली बसों का इंतजार करना पड़ता है।