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आगे नहीं बढ़ा मेडिकल कॉलेज का मामला
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 26 Oct 2018 10:26 PM IST
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पिथौरागढ़ के मोस्टामानू में इसी स्थान पर बनना है मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ वालों का मेडिकल कॉलेज का सपना हाल फिलहाल में पूरा होने के कोई आसार नहीं हैं। कांग्रेस शासनकाल में ठीक विधानसभा चुनाव से पहले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया गया था, लेकिन दो वर्ष का समय बीतने को है, मेडिकल कॉलेज की बात आगे नहीं बढ़ी।
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अक्तूबर 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोस्टामानू (चंडाक) में मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी थी। इसके लिए एक करोड़ की टोकन मनी जारी की गई थी। मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखने के बाद 2017 के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना लागू हो गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि नई सरकार सीमांत जिले में मेडिकल कॉलेज का सपना साकार करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नई सरकार का लगभग दो साल का कार्यकाल पूरा होने को है, लेकिन मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से जहां देश और प्रदेश को डॉक्टर मिलते, वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होता। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं सीमांत जिले को मिलती।
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बता दें कि सीमांत जिले की 5 लाख की आबादी के साथ ही अल्मोड़ा, चंपावत जिले के सीमावर्ती इलाकों और पड़ोसी देश नेपाल के लोगों का भी दबाव 120 बेड के जिला अस्पताल पर रहता है। हालांकि, जिला मुख्यालय में बेस अस्पताल मंजूर है। देर-सबेर बेस अस्पताल लोगों की सेवा में खड़ा होगा, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य महकमे की ढिलाई मेडिकल कॉलेज बनने की उम्मीद पर पानी फेर रही है।
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पहले हुई थी बेस अस्पताल के लिए खुदाई
भाजपा के पिछले शासनकाल में चंडाक के पास मोस्टामानू में बेस अस्पताल के लिए भूमि का समतलीकरण, दीवार आदि का निर्माण कार्य किया गया था, इस काम में करीब दो करोड़ की धनराशि व्यय हुई थी, लेकिन वर्ष 2012 में मोस्टमानू को बेस अस्पताल के लिए समुचित न बताते हुए कांग्रेस सरकार ने बेस अस्पताल का काम रुकवा दिया और शहर के नजदीक लुंठ्यूड़ा में बेस अस्पताल का निर्माण शुरू करा दिया। मोस्टामानू में मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला लिया गया, लेकिन यह फैसला अधूरा ही रह गया।
शासन ने वर्ष 2016 में मेडिकल कॉलेज के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि चिकित्सा शिक्षा विभाग के खाते में डाली थी। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के संबंध में शासन से किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। -डॉ. ऊषा गुंज्याल, मुख्य चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़