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चुनाव जीतने वाले को क्षेत्र का विकास करने की सद्बुद्धि दे ईश्वर
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क्वीरीजिमिया गांव।
- फोटो : PITHORAGARH
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी का आपदा प्रभावित क्वीरीजिमियां गांव आज भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ सका है। यहां के ग्रामीणों को आठ किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचना पड़ता है। गांव को जाने वाले अधिकतर रास्ते आपदा के कारण क्षतिग्रस्त पड़े हैं। दो बार चुनावों का बहिष्कार कर चुके ग्रामीणों का कहना है कि इस चुनाव जीतकर जो भी विधानसभा पहुंचे उसे ईश्वर क्षेत्र का विकास करने की सद्बुद्धि दे।
मुनस्यारी का क्वीरीजिमियां गांव आपदा प्रभावित गांव है। इस गांव के लोग वर्ष 2010 से आपदा की मार झेल रहे हैं। साल दर साल गांव की जमीन को निगल रही आपदा ने मकान, स्कूल और पैदल रास्ते सब कुछ ध्वस्त कर दिया है। कई मकानों में दरारें पड़ी हैं। पुनर्वास नहीं होने से कई परिवार शहरी क्षेत्रों को पलायन कर गए, जबकि सीमित आय और खेती से गुजारा करने वाले परिवार गांव में ही रह रहे हैं।
क्वीरीजिमियां गांव के लिए आज तक सड़क नहीं बनी है। इस गांव के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन और गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग उठाने के बाद भी आज तक सड़क नहीं किया गया है। वर्ष 2017 में इस उपेक्षा से नाराज क्वीरीजिमियां के 298 मतदाता वोट डालने के लिए घरों से बाहर ही नहीं निकले।
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क्वीरीजिमियां के ग्रामीण पान सिंह पछाई, गजेंद्र सिंह, भगत सिंह और पुष्कर सिंह ने बताया कि आपदा प्रभावित होने के साथ-साथ उनका गांव उपेक्षित भी है। उनकी आज तक सुनवाई नहीं हुई है।
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मुनस्यारी का क्वीरीजिमियां गांव आपदा प्रभावित गांव है। इस गांव के लोग वर्ष 2010 से आपदा की मार झेल रहे हैं। साल दर साल गांव की जमीन को निगल रही आपदा ने मकान, स्कूल और पैदल रास्ते सब कुछ ध्वस्त कर दिया है। कई मकानों में दरारें पड़ी हैं। पुनर्वास नहीं होने से कई परिवार शहरी क्षेत्रों को पलायन कर गए, जबकि सीमित आय और खेती से गुजारा करने वाले परिवार गांव में ही रह रहे हैं।
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क्वीरीजिमियां गांव के लिए आज तक सड़क नहीं बनी है। इस गांव के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन और गांव के लिए सड़क निर्माण की मांग उठाने के बाद भी आज तक सड़क नहीं किया गया है। वर्ष 2017 में इस उपेक्षा से नाराज क्वीरीजिमियां के 298 मतदाता वोट डालने के लिए घरों से बाहर ही नहीं निकले।
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क्वीरीजिमियां के ग्रामीण पान सिंह पछाई, गजेंद्र सिंह, भगत सिंह और पुष्कर सिंह ने बताया कि आपदा प्रभावित होने के साथ-साथ उनका गांव उपेक्षित भी है। उनकी आज तक सुनवाई नहीं हुई है।